Monday, 30 May 2011

फफोला

सुनो !
तुम्हारे खयालो में गुम
आज,गरम पतीले से
ऊँगली जल गई
फफोला निकल आया है
...उसे मसलकर नमक लगा दूँ
कम स कम ...आज !
तुम्हारी यादों के जख्म
दर्द तो ना देंगे ......!!

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