राजस्थान में बाड़मेर जिले के सीमावर्ती खबड़ाला गांव की सरकारी पानी की हौदी में महीने में तीन बार ही पानी आता है। इस से जुड़े दस गांवों के लोगों ने आपस में कलह को रोकने के लिए पानी का ही बंटवारा कर दिया है। लिहाजा अब महीने में तीन दिन आने वाले पानी में बारी-बारी से चार-चार गांव पानी ले रहे है । शेष 29 दिन पानी के लिए ग्रामीण मीलों सफर कर रहे हैं।
भारत पाकिस्तान की सरहद पर बसें बाड़मेर जिले के सबसे दुर्गम ग्राम पंचायत खबडाला में गत दो सालों से पानी की भारी किल्लत झेलनें के बाद गांव में पानी को लेकर खिंचने वाली तलवारों पर लगाम कसकर ग्रामीणों ने आपसी सहमती बना कर प्रत्येक गांव में पानी का बंटवारा कर दिया है खबडाला के बुजर्ग रतन सिंह सोढा के अनुसार विगत तीन सालों से खबडाला ग्राम पंचायत सहित बचिया,पूंजराज का पार,सगरानी,पिपरली,द्राभा,गारी,मणिहारी सहित 94 गांवों में पेयजल की जबरदस्त किल्लत के चलतें ग्रामीणें के सामने बडी समस्या खडी हो गई। पुराने होदी में महीने में तीन चार दिन पानी आता है आपूर्ति के समय आसपास के गांवों के ग्रामीण भी पानी भरने आते हैं इतना कम पानी हमारे एक गांव की भी प्यास नहीं बुझा पाता ऐसे में दूसरे गांवों के लोगों को कैसे पानी भरने दे।इसी बात को लेकर गांवों के बीच झगडे भी होने लगे।कई बार तलवारें भी ।रोज रोज की पेशानी सें निपटने के लिऐं ग्रामीणों नें सर्व सम्मति से ग्राम पंचायत के दस गावो की समझौता बैठक बुला कर पानी का बंअवारा करने का निर्णय लिया गया। यह पानी उठों के माध्यम से बाटा जा रहा है
भारत पाकिस्तान की सरहद पर बसें बाड़मेर जिले के सबसे दुर्गम ग्राम पंचायत खबडाला में गत दो सालों से पानी की भारी किल्लत झेलनें के बाद गांव में पानी को लेकर खिंचने वाली तलवारों पर लगाम कसकर ग्रामीणों ने आपसी सहमती बना कर प्रत्येक गांव में पानी का बंटवारा कर दिया है खबडाला के बुजर्ग रतन सिंह सोढा के अनुसार विगत तीन सालों से खबडाला ग्राम पंचायत सहित बचिया,पूंजराज का पार,सगरानी,पिपरली,द्राभा,गारी,मणिहारी सहित 94 गांवों में पेयजल की जबरदस्त किल्लत के चलतें ग्रामीणें के सामने बडी समस्या खडी हो गई। पुराने होदी में महीने में तीन चार दिन पानी आता है आपूर्ति के समय आसपास के गांवों के ग्रामीण भी पानी भरने आते हैं इतना कम पानी हमारे एक गांव की भी प्यास नहीं बुझा पाता ऐसे में दूसरे गांवों के लोगों को कैसे पानी भरने दे।इसी बात को लेकर गांवों के बीच झगडे भी होने लगे।कई बार तलवारें भी ।रोज रोज की पेशानी सें निपटने के लिऐं ग्रामीणों नें सर्व सम्मति से ग्राम पंचायत के दस गावो की समझौता बैठक बुला कर पानी का बंअवारा करने का निर्णय लिया गया। यह पानी उठों के माध्यम से बाटा जा रहा है
. रतन सिंह सोढा निवासी ,खबडाला गाव के अनुसार विगत तीन सालों से खबडाला ग्राम पंचायत सहित बचिया,पूंजराज का पार,सगरानी,पिपरली,द्राभा,गारी, मणिहारी सहित 94 गांवों में पेयजल की जबरदस्त किल्लत के चलतें ग्रामीणें के सामने बडी समस्या खडी हो गई। पुराने होदी में महीने में तीन चार दिन पानी आता है आपूर्ति के समय आसपास के गांवों के ग्रामीण भी पानी भरने आते हैं इतना कम पानी हमारे एक गांव की भी प्यास नहीं बुझा पाता ऐसे में दूसरे गांवों के लोगों को कैसे पानी भरने दे।इसी बात को लेकर गांवों के बीच झगडे भी होने लगे।कई बार तलवारें भी ।रोज रोज की पेशानी सें निपटने के लिऐं ग्रामीणों नें सर्व सम्मति से ग्राम पंचायत के दस गावो की समझौता बैठक बुला कर पानी का बंअवारा करने का निर्णय लिया गया। पास के गाव सगरानी के रहने वाले मोकम सिंह के अनुसार पानी को लेकर राज झगडा हो जाता है कुछ दिन पहले है अपनी को लेकर सभी गाव में कलह हो गई फिर हमने पानी के बटवारा कर दिया हमारे यह पानी की भयकर किल्लत है आने वाले दिनों यहाँ पर पानी की कमी के चलते जानवर मर जाएगे
चुकी देवी के अनुसार गाव में पानी के लिए लड़ाई रोज होती है और अब पानी का बटवारा कर दिया है अभी तक हम कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाते है मोकम सिंह निवासी . सगरानी गाव के अनुसार पानी को लेकर राज झगडा हो जाता है कुछ दिन पहले है अपनी को लेकर सभी गाव में कलह हो गई फिर हमने पानी के बटवारा कर दिया हमारे यह पानी की भयकर किल्लत है आने वाले दिनों यहाँ पर पानी की कमी के चलते जानवर मर जाएगे
चुकी देवी ,निवासी ,सगरानी गाव के अनुसार गाव में पानी के लिए लड़ाई रोज होती है और अब पानी का बटवारा कर दिया है अभी तक हम कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाते .
इन गावो में ओरतो के साथ छोटे छोटे बच्चे कई मील दूर चलकर लाते है अब यह हाल है की पानी के सभी साधन सुख गए है लिहाजा अब गाव की ओरते को बिना पानी लिए है लोटना पड़ रहा है सबसे बड़ा सवाल यह है अब यह हाल है तो मई और जून महीने में इन गावो के क्या हाल होगे
चुकी देवी ,निवासी ,सगरानी गाव के अनुसार गाव में पानी के लिए लड़ाई रोज होती है और अब पानी का बटवारा कर दिया है अभी तक हम कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाते .
इन गावो में ओरतो के साथ छोटे छोटे बच्चे कई मील दूर चलकर लाते है अब यह हाल है की पानी के सभी साधन सुख गए है लिहाजा अब गाव की ओरते को बिना पानी लिए है लोटना पड़ रहा है सबसे बड़ा सवाल यह है अब यह हाल है तो मई और जून महीने में इन गावो के क्या हाल होगे

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