Monday, 31 December 2012

सरहद के पार हैं हालात काफी नासाज़ , सरकार हैं चुप्पी साधे-- फ़ाइल फोटो  
हिन्दुओं की आस्था पर प्रहार मौन भारत की सरकार
क्या पाकिस्तान की सरकार कट्टरपंथियों से डरी हुई हैं ?
दुर्गसिंह राजपुरोहित
बाड़मेर
हिन्दुओं की बड़ी संख्या पाकिस्तान में भी हैं लेकिन इन हिन्दुओ की सुरक्षा की बात आने पर हिन्दुओ की पाकिस्तान में दुर्दशा सामने आ जाती हैं। शुरुआत से ही पाकिस्तान में हिन्दू परिवार और हिन्दू परिवारों की बेटियां मुस्लिम कट्टरपंथियों के निशाने पर रहे हैं। लेकिन अब पाकिस्तान में मंदिर भी बुरी हालत में हैं, पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू आबादी मंदिरों पर हमलों से परेशान है। लेकिन पाकिस्तान की सरकार ने इस पर चुप्पी साधी हुई है। हाल ही में एक मंदिर गिराया गया और इस मन्दिर में बसे हिंदू परिवारों के घर भी गिर डाले गए। मज़े की बात हैं कि घर और मन्दिर तोड़े जाने के दौरान सरकारी मशीनरी भी इन्हें बचाने की बजाय गिराने में लिप्त थी। रविवार को थार एक्सप्रेस से जोधपुर आये एक परिवार के मुखिया ने नाम ना छपने की शर्त पर बताया कि पाकिस्तान में सरकार मंदिरों पर कोई खास ध्यान नहीं दे रही है। कई पुराने मंदिर या तो नष्ट कर दिए गए हैं, या फिर उनकी हालत बहुत बुरी है। यही हाल अन्य अल्पसंख्यकों का भी है। पिछले दिनों कराची में एक मंदिर और कुछ हिंदुओं के घर गिरा दिए गए। हिन्दू लोग आक्रोशित होकर जब पुलिस के पास पहुंचे तो उनके आक्रोश को देकते हुए पाकिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि अदालत ने कुछ अवैध इमारतों को गिराने के आदेश दिए थे, लेकिन मंदिर गिराने की बात से उन्होंने इनकार किया है। ऐसे में सवाल यह उठता हैं कि जब गिराई जाने वाली इमारतों में ये मंदिर था ही नहीं फिर क्यों इसे निशाना बनाया गया। वहीं पाकिस्तान हिंदू परिषद के एक सदस्य ने सोसियल साईट पर संवाददाता को बताया की जमीन अधिग्रहण को ले कर लम्बे समय से एक बिल्डर और हिंदू निवासियों के बीच विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि जमीन हिंदुओं की है और बिल्डर उस पर कब्जा करना चाहता है।
कट्टरपंथ और भेदभाव
पाकिस्तान में कई गुरूद्वारे भी हैं। इनमें से अधिकतर पंजाब में हैं। भारत से भी कई बार लोग गुरूद्वारे में माथा टेकने के लिए पाकिस्तान जाते हैं। लेकिन देश में हिंदू और सिख अल्पसंख्यक हैं। पाकिस्तान की 17.4 करोड़ की आबादी में से हिंदू केवल 2.3 फीसदी ही हैं। इनमें से अधिकतर सिंध के इलाके में रहते हैं। अल्पसंख्यकों के लिए काम करने वाली संस्थाओं का दावा है कि पाकिस्तान में यह मंदिर या चर्च गिराने का पहला मामला नहीं है। इस से पहले भी देश में व्यावसायिक कारणों से अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों को गिराया जा चुका है।। जानकारों का मानना है कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव किया जाता है। मंदिरों पर हमले केवल कट्टरपंथी मुस्लिम ही नहीं करते बल्कि आम लोग भी करते हैं। पिछले कुछ सालों में ये हमले कई गुना बढ़ गए हैं।
पाकिस्तान में सब कुछ छोड़ भारत आने वाले तेजदान देथा ने भी यह बात स्वीकार की है। 
संवाददाता से बातचीत में उन्होंने कहा, "चरमपंथ हिंदुओं और मंदिरों पर हमले का मुख्य कारण रहा है।" उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में हिंदू काफी डरे हुए हैं और उन्हें सरकार से किसी तरह की मदद नहीं मिल रही है, "ये लोग सोचते हैं कि हिंदुओं पर और मंदिरों पर हमला कर के इन्हें जन्नत नसीब होगी।" उनका कहना है, "कई बार इन हमलों के पीछे आर्थिक कारण भी होते हैं। लेकिन अधिकतर मंदिरों और गिरिजाघरों पर चरमपंथी ही हमला करते हैं।" थार एक्सप्रेस से पाकिस्तान जाकर वापस भारत लौटे किशोर शर्मा के मुताबिक पाकिस्तान में चरमपंथ बढ़ता जा रहा है और वक्त के साथ साथ चरमपंथी और ताकतवर होते जा रहे हैं और "सरकार अल्पसंख्यकों को और उनके धार्मिक स्थलों को बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है।"

सांस्कृतिक धरोहर नष्ट
सिंध के रहने वाले एक हिन्दू ने पंजाब केसरी से बातचीत करते हुए बताया कि पाकिस्तान में सबसे पहला मंदिर 90 के दशक में गिराया गया। उस वक्त पाकिस्तान के लोगों में अयोध्या बाबरी मस्जिद के मामले पर रोष था, "यह सब बाबरी मस्जिद को गिराने के बाद ही शुरू हुआ। उसके जवाब में लोगों ने ना केवल मंदिर, बल्कि चर्चों पर भी हमले करने शुरू कर दिए।"
बाड़मेर के निवासी अशरफ अली खिलजी भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और इस मुद्दे पर अपनी रे रखते हुए वो बताते हैं कि लोग यह बात नहीं समझ पा रहे हैं कि इन हमलों के कारण वे उनके देश की सांस्कृतिक धरोहर भी नष्ट कर रहे हैं "
पहले भी ऐसे टूटे कई मंदिर
जानकारी के अनुसार कराची के मालीर इलाके में एक मंदिर हुआ करता था। आर्किटेक्चर के लिहाज से यह एक शानदार इमारत थी। मंदिर में हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों पर बहुत ही बारीकी से काम किया गया था। जब मंदिर पर हमला हुआ तब लोगों ने ये मूर्तियां भी तबाह कर दी। ये केवल पूजा पाठ की जगह नहीं हैं, यह पाकिस्तान की सांस्कृतिक धरोहर थी ।"
बाड़मेर निवासी वरिष्ठ पत्रकार कन्हैयालाल डलोरा के अनुसार इस गम्भीर घटना के बावजूद भी कोई कदम ना उठाए जाने पर पाकिस्तान सरकार की आलोचना की जानी चाहिए। डलोरा के मुताबिक पाकिस्तान में अब भी सैकड़ों मंदिर और चर्च हैं जो खंडहरों में तब्दील होते जा रहे हैं। सरकार इन पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जानकारों का मानना है कि या तो सरकार चरमपंथियों से डरी हुई है या अल्पसंख्यकों के लिए कुछ करना ही नहीं चाहती। इसका नतीजा यह है कि पिछले कुछ सालों में हिंदुओं ने पाकिस्तान छोड़ भारत आना शुरू कर दिया है।

लालच देकर लूटी जा रही गरीबो की सम्पति

ऐसे लूटी जाती हैं गरीबो की सम्पति.. फ़ाइल चित्र 
बाड़मेर में इन दिनों कुछ लोग आम जन को लूटने के लिए एक ऐसी फर्जी लोटरी सिस्टम के जरिये योजनाओं का संचालन कर रहे हैं जिसमे आमजनता को लोटरी टिकट्स की तरह रसीदे दी जा रही हैं और उसके बाद यह कह कर उनको लालच देकर पैसे ऐठे जा रहे हैं कि उनकी रसीद के आधार पर उनको कार,मोटर साईकल ,टीवी समेत कई गिफ्ट दिए जायेगे और पुलिस चुपचाप इसे देख रही मानो कुछ हिस्सा उनका भी तय हो।

Saturday, 11 August 2012

मुंबई के आज़ाद मैदान में मीडिया की गाड़ियां जलाने , उनके साथ मार-पीट करने की घटना शर्मनाक हैं कुछ लोग भारत में उन्माद फैला कर दंगे करवाना चाहते हैं !

मुंबई के आज़ाद मैदान में मीडिया की गाड़ियां जलाने , उनके साथ मार-पीट करने की घटना शर्मनाक हैं कुछ लोग भारत में उन्माद फैला कर दंगे करवाना चाहते हैं !यह घटना काले अध्याय के रूप में साबित होगी , शर्म करो,  शर्म करो     शर्म करो     शर्म करो     शर्म करो     शर्म करो     शर्म करो     शर्म करो     शर्म करो     शर्म करो     शर्म करो     शर्म करो   .......................  

Friday, 10 August 2012

40 हज़ार में माँ-बाप ने बच्चा बेचा

माँ-बाप
राजस्थान  मानव तस्करी के मामले दिनोदिन बढ़ रहे हैं 40 हज़ार में माँ-बाप ने बच्चा बेचा


जिगर के एक टुकड़े के लिए एक माँ ने अपने आँचल के दूसरे जिगर को 40 हज़ार रुपए में बेच दिया.

राजस्थान में पुलिस ने एक महिला- संध्या और उसके पति अशोक सहित पाँच लोगों को आठ दिन का नवजात बच्चा बेच देने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया है.

गिरफ़्तार किए गए लोगों में संध्या के आठ दिन के नवजात बच्चे को खरीदने वाले दम्पती विनोद और उनकी पत्नी शकुन्तला भी शामिल हैं. संध्या एक ऐसी अभागी माँ है जिसने अपने नवजात बेटे को सिर्फ इसलिए बेच दिया क्योंकि उनके पास अपने साढ़े तीन साल के बेटे रौनक के इलाज के लिए पैसे नहीं थे.

नवजात का मोल लगा तो बात चालीस हजार रुपए में पक्की हुई.

ये घटना राज्य के सरहदी जिले श्रीगंगानगर में तब सामने आई जब संध्या और उसके पति अशोक ने पुलिस में शिकायत की कि उन्हें वादे के मुताबिक पैसे नहीं मिले.

पुलिस के मुताबिक ये पूरा सौदा चालीस हजार में हुआ क्योंकि संध्या का दूसरा बेटा जन्म से ही बीमार है और उसके इलाज के लिए चालीस हजार रुपए का खर्च बताया गया था.
गोदनामे के बहाने

श्रीगंगानगर में पुलिस की मानव तस्करी विरोधी शाखा के प्रमुख श्रवण दास ने बताया कि पुलिस ने सौदे की पहली किश्त में भुगतान हुए बीस हजार रुपए में से चौदह हजार संध्या के परिवार से बरामद कर लिए जबकि छह हजार रुपए संध्या के प्रसव में इलाज पर खर्च हो गए.

पुलिस ने इस मामले में एक सब रजिस्ट्रार सहित 11 लोगों का नाम प्राथमिकी में दर्ज किया है क्योंकि ये सारी कार्यवाही गोदनामे के बहाने हुई और बाकायदा उसका पंजीयन भी हुआ.

श्रवण दास के अनुसार, "इसमें गवाह, वकील और इस दस्तावेज का पंजीयन करने वाले सरकारी अधिकारी से पूछताछ हो रही है. अगर आरोप साबित हुआ तो और भी गिरफ्तारियाँ की जा सकती हैं."
आँचल की छाँव

ये सब तब हुआ जब संध्या ने गत 31 जुलाई को एक बच्चे को श्रीगंगानगर शहर में जन्म दिया और तीन अगस्त को करार के मुताबिक, संध्या ने अपने आँखों के तारे को दूसरे दम्पती को दे दिया. फिर पुलिस हरकत में आई तो ये नन्हीं जान फिर से अपनी माँ के आँचल की छाँव में आ गई.

राजस्थान में सरकार ने बीते साल ही अपने चौदह हजार स्वाथ्य केंद्रों और अस्पतालों पर सभी के लिए मुफ्त दवा का उपलब्ध करने का काम शुरू किया है.

फिर आखिर कोई माँ सिर्फ दवा-इलाज के लिए अपने बेटे को क्यों बेच रही है? सामाजिक कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव कहती हैं, "मुफ्त दवा कार्यक्रम का हम स्वागत करते हैं मगर अब भी इलाज बहुत महंगा है. हम चाहते है सरकार एक विहंगम स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करे क्योंकि विकलांग और अपाहिज बच्चों के लिए कुछ भी नहीं है."

वो नवजात इस दुनिया के लिए बहुत नया है और उसने माँ का आँचल बस छुआ ही है. मगर अभी उसके नन्हें पाँव जमीन पर दर्ज भी नहीं हुए हैं कि लगता है उसे आते ही ग़रीबी, माँ की लाचारी और बेदर्द दुनिया के दस्तूर से रूबरू करा दिया गया हो.
सरकारी इलाज

"मुफ्त दवा कार्यक्रम का हम स्वागत करते हैं मगर अब भी इलाज बहुत महंगा है. हम चाहते है सरकार एक विहंगम स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करे क्योंकि विकलांग और अपाहिज बच्चों के लिए कुछ भी नहीं है"
कविता श्रीवास्तव, सामाजिक कार्यकर्ता

ख़बर थार की: घुसपैठ का नया अड्डा बाड़मेर

ख़बर थार की: घुसपैठ का नया अड्डा बाड़मेर: घुसपैठियों के लिए जन्नत का दरवाज़ा पश्चिमी सीमा पिछले बीस सालो में कई कुख्यात तस्कर-जासूस धरे   बाड़मेर। भारत में घुसपैठ का नया अड्डा बाड़म...

ख़बर थार की: ख़बर थार की: बाड़मेर से होनी थी हेरोइन की डील

ख़बर थार की: ख़बर थार की: बाड़मेर से होनी थी हेरोइन की डील: ख़बर थार की: बाड़मेर से होनी थी हेरोइन की डील : बाड़मेर से होनी थी हेरोइन की डील बाड़मेर जैसलमेर स्थित एक होटल में छापा मारकर आठ किलो हेरोइ...

घुसपैठ का नया अड्डा बाड़मेर

घुसपैठियों के लिए जन्नत का दरवाज़ा पश्चिमी सीमा
पिछले बीस सालो में कई कुख्यात तस्कर-जासूस धरे 
 बाड़मेर। भारत में घुसपैठ का नया अड्डा बाड़मेर बन गया हैं , जिस तरह से पुणे में बम धमाको से मुल्क हिला हैं वैसे ही बाड़मेर में घटनाए होनी शुरू हो जाए तो कोई अचरज नहीं करना चाहिए , सरकार ने बाड़मेर , जैसलमेर , बीकानेर और श्रीगंगानगर में सीमा चौकियां बंद करके देश की सुरक्षा और अस्मत को वैसे भी खतरें में डालने की शुरुवात कर दी हैं , देश की पश्चिमी सीमा से बढ़ती घुसपैठ ने सुरक्षा बलों को परेशान कर दिया है। सीमा पार से आतंकी और तस्कर दोनों ही आ रहे हैं। लाख कोशिशों के बावजूद सुरक्षाबल उन्हें नहीं रोक पा रहे हैं। देश की पश्चिमी सीमा पर कई किलोमीटर तक तारबंदी की गई है। हर वक्त यहां बीएसएफ के जवानों का पहरा होता है। इसके बावजूद तबाही के सामान आरडीएक्स, टाइमर, डेटोनेटर, सेफ्टी फ्यूज, बैटरी और गोला बारूद देश में आ रहा है। जो सन 2009 में यहाँ भारी मात्रा में पकड़ा गया था और इसके साथ पाकिस्तान के लिए काम करने वाले तस्कर और बब्बर खालसा के आतंकवादी का भी पकड़ा जाना इस बात की पुष्टि कर चुका हैं की बाड़मेर अतंका और तस्करों का नया गढ़ बनता जा रहा हैं । दरअसल सीमा पार से आतंकियों ने हिंदुस्तान में दाखिल होने के लिए एक चोर दरवाजा खोज लिया है। याद रहे बाड़मेर के एक गांव में सुरक्षा एजेंसियों को एक खेत से तबाही के सामान के साथ पकड़े गए सोढ़ा खान ने सनसनीखेज खुलासा किया था। सोढ़ा खान के मुताबिक उससे पहले आलिया नाम का शख्स सीमा पार से तबाही का इतना सामान भारत में ला चुका है। जो एक शहर को उडा़ने के लिए काफी है। सोढा खान के बाद उसी की निशानदेही पर पुलिस ने एक और तस्कर यारू खान जैसलमेर को पकड़ा था जिसने पकडे़ जाने के बाद खुलासा किया कि सीमा पार से भारत में 60 करोड़ की हेरोइन आ चुकी है। राजस्थान पुलिस के मुताबिक राजस्थान के रेतीले इलाके से तबाही का सामान देश के भीतर लाना कोई मुश्किल काम नहीं है। ये सामान तारबंदी के नीचे से आ रहा है। इस बात पर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के बीच ठन गई थी ।
बाड़मेर के निवासी और सीमा सुरक्षा बल में कमांडेट रह चुके एक पूर्व अधिकारी का कहना है कि बाड़मेर से लेकर जैसलमेर तक रेतीली मिट्टी को हटाकर सीमा में दाखिल होना बहुत आसान है। आतंकी इसी रास्ते से बार-बार देश में दाखिल हो रहे हैं। इस मिट्टी को हटाने के लिए किसी फावड़े की जरूरत नहीं पड़ती, हाथ से ही मिट्टी हटाकर कोई भी इस पार आ सकता है। इसके अलावा जैसलमेर में अमूमन रेत के इतने ऊंचे टीले बन जाते हैं कि कोई भी उसके सहारे तारबंदी को पारकर इधर आ सकता है।याद रहे कुछ साल पहले बाड़मेर बॉर्डर के जरिए यारू खां नाम का तस्कर भारत में दाखिल हुआ था। उसके पास से 50 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई। लेकिन 10 किलोग्राम हेरोइन उसने इसी इलाके में कहीं छिपा दी। जिसका पता सुरक्षा एजेंसियां अब तक नहीं लगा पाई हैं।
मालूम हो कि पिछले दो सालो में इस रास्ते से करीब 20 बार घुसपैठ हो चुकी है। बीएसएफ की एक कंपनी के पास करीब 50 किलोमीटर तक सुरक्षा का जिम्मा है। जबकि जम्मू-कश्मीर और पंजाब बॉर्डर पर एक कंपनी के पास महज 5 से 7 किलोमीटर की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। सरहदी थानों में पुलिस बल और साजो-सामान की कमी ने भी इस इलाके की सुरक्षा को ढीला बना दिया है। अगर इस इलाके में मुस्तैदी न बढ़ाई गई तो आतंकी चोर दरवाजे के सहारे देश में दाखिल होते रहेंगे।
देश की सबसे संवेदनशील मानी जाने वाली थार मरूस्थल बाड़मेर-जैसलमेर से सटी भारत-पाकिस्तान की पश्चिमी सरहद की सुरक्षा खतरे में हैं । यहां न केवल मादक पदार्थो के तस्कर, बल्कि देश के गद्दार बेखौफ होकर अपने नापाक इरादों में कामयाब हो रहे हैं। यहां से सामरिक महत्व की सूचनाएं पाक भेजने के आरोप में जैसलमेर और नाचना इलाके से आईएसआई के तीन एजेंटों के धरे जाने से खुफिया एजेंसियां सकते में हैं। आईबी, सीआईडी व अन्य एजेंसियां इन आरोपियों के जाल में सेंध लगाने के प्रयास में हैं।
वाया अटारी पाक पहुंच रही गुप्त सूचनाएं
पश्चिमी सरहद तारबंदी से पूर्व जासूसों व एजेंसियों के गुर्गो के लिए सैरगाह मानी जाती थी। तारबंदी के अभाव में जासूसों के साथ-साथ तस्कर धोरों में छुपकर सीमा पार आते व जाते थे। तारबंदी के बाद पिछले कई वर्षो से इस पर अंकुश लगा है, लेकिन अब जासूसों ने नया रास्ता अख्तियार कर लिया है। वे पश्चिमी सरहदों से सूचनाएं एकत्रित करने के बाद पंजाब में अटारी के रास्ते एजेंटों को सीमा पार सूचनाएं भिजवा रहे हैं।
भाई-भतीजे और रिश्तेदारों को गैंग में शामिल कर रहे हैं तस्कर
आईएसआई के अधिकारी व एजेंट पश्चिमी सीमा के करीब रहने वालों को मोटी रकम का लालच देकर गद्दारी को तैयार करते हैं। इसके बाद यह लोग अपने रिश्तेदारों को भी गद्दारी के इस खेल में शामिल कर जाल को फैलाने में लग जाते हैं। सीआईडी के हत्थे चढ़े जासूस गुलाम रसूल ने अपने भतीजे मजीद को साथ मिला लिया था यह उससे हुई पूछताछ में सामने आया था । जांच एजेंसियों को आशंका है कि उसके साथ बड़ी संख्या में क्षेत्र के युवा जासूसी में शामिल हो सकते हैं। इस सम्बन्ध में सीआईडी को कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी हाथ लगे हैं, जिनकी तस्दीक की जा रही है।
अवैध रूप से रह रहे हैं विदेशी
पिछले कई वर्षो से पाकिस्तान से आए कई लोग सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से रह रहें हैं। खुफिया एजेंसियां इन पर जासूस होने का संदेह भी जाहिर कर चुकी है। यही नहीं आंकड़े बताते हैं कि सीमावर्ती ईलाको में कई पाकिस्तान के लोग थार एक्सप्रेस से भारत आये और यहीं कहीं वीजा अवधि खत्म होने के बाद छुपे हुए हैं । पाकिस्तानी नागरिको के अलावा काफी बंगलादेशी भी यहाँ अवैध रूप से रहने की आशंका हैं ।
कब-कब कौन पकड़ा गया
दिनांक जासूस
27 मार्च 2000 मुनीर अहमद, रहीमयार खां, पाकिस्तान
27 मार्च 2000 भजनदास चौधरी, गिदरावली, सिरसा
27 मार्च 2001 पठाई खां, राठौड़ों का तला, बाड़मेर
नवम्बर 2001 रमजान, किशनगढ़, जैसलमेर
नवम्बर 2001 नूरे खां, जैसलमेर जिला
12 दिसम्बर 2001 असलम खां, पाकिस्तान
8 सितम्बर 2002 मोहम्मद अली उर्फ अबुल कासम, घाटेल, बांग्लादेश
8 सितम्बर 2002 चन्द्रेश शुक्ला, कटनी, मध्यप्रदेश। फौज का सिपाही व सहयोगी था
13 मार्च 2005 मौला बक्श उर्फ मोलिया, खुइयाला जैसलमेर
19 मार्च 2005 हाजी खां उर्फ हाजीड़ा, सदाराड जैसलमेर
14 दिसम्बर 2005 ऋषि महेन्द्र, हैदराबाद, पाकिस्तान
16 दिसम्बर 2005 परवेज अहमद उर्फ जाहिद अली हैदराबाद पाकिस्तान
13 अगस्त 2006 इनायत उल्ला, साकडिया नाचना जैसलमेर

ख़बर थार की: बाड़मेर से होनी थी हेरोइन की डील

ख़बर थार की: बाड़मेर से होनी थी हेरोइन की डील: बाड़मेर से होनी थी हेरोइन की डील बाड़मेर जैसलमेर स्थित एक होटल में छापा मारकर आठ किलो हेरोइन के साथ चार जनों को गिरफ्तार किया गया लेकिनसूत्...

बाड़मेर से होनी थी हेरोइन की डील

बाड़मेर से होनी थी हेरोइन की डीलबाड़मेर
जैसलमेर स्थित एक होटल में छापा मारकर आठ किलो हेरोइन के साथ चार जनों को गिरफ्तार किया गया लेकिनसूत्रों के अनुसार इनकी योजना बाड़मेर में ये सारी डील करने की थी , बुधवार को एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) ने जैसलमेर स्थित एक होटल में छापा मारकर आठ किलो हेरोइन के साथ चार जनों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 4.35 लाख रूपए, एक कार व जीप भी बरामद किए गए हैं। आरोपियों में से तीन व्यक्ति पंजाब और एक जैसलमेर का है। पूरी आशंका है कि जब्त हेरोइन सीमा पार से आई और इसकी आपूर्ति पंजाब में की जानी थी।
एडीजी (एटीएस) आलोक त्रिपाठी के अनुसार एटीएस को सीमा पार से मादक पदार्थो की खेप जैसलमेर आने की सूचना मिली। जिसकी डिलीवरी लेने के लिए पंजाब के तरनतारन से तीन व्यक्ति कार में सवार होकर सुबह जैसलमेर पहुंचे और एक होटल में ठहरे।
संदेह होने पर एटीएस ने उसका पीछा किया और मौका देखकर होटल के कमरे में छापा मारा। वहां से पंजाब के तरनतारन निवासी कमरपाल सिंह (35), गुरदीप सिंह (69) व परमजीत सिंह (46) तथा जैसलमेर के करमावली निवासी जाम खान (30) पुत्र अतार खान को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से आठ किलो हेरोइन, 4.35 लाख रूपए भी बरामद किए गए। एटीएस का दावा है कि अति उच्च क्वालिटी वाली यह हेरोइन सीमा पार से आई है। इस मामले में दो-तीन अन्य व्यक्ति भी शामिल हो सकते हैं। जिनकी तलाश जारी है। इस सम्बन्ध में जैसलमेर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार पंजाब के दोनों व्यक्तियों को हेरोइन की डिलीवरी बाड़मेर जिले में किसी स्थान पर होनी थी। जिसकी जानकारी एटीएस को मिल गई, लेकिन इसका पता तस्करों को लग गया और उन्होंने बाड़मेर के स्थान पर जैसलमेर में डील का निर्णय किया। आठ किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए चारों आरोपियो से गुरूवार को विभिन्न एजेंसियां पूछताछ मे जुटी रही। एंटी टेरेरिस्ट स्कवायर्ड व पुलिस के अलावा सीमा सुरक्षा बल, इंटेलिजेंस ब्यूरो व सतर्कता एजेंसियो ने गिरफ्तार चारो आरोपियो से संयुक्त पूछताछ जारी रखी और महत्वपूर्ण जानकारियां खंगालने का प्रयास किया। एटीएस सूत्रो के अनुसार हेरोइन जैसलमेर में पाकिस्तान से आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह आशंका जताई जा रही है कि सीमा पार से जैसलमेर लाई गई इस हेरोइन की आपूर्ति पंजाब मे की जानी थी , और यह तय था की डील बाड़मेर में कहीं होनी थी । इससे पूर्व पंजाब के दोनो व्यक्तियो को हेरोइन की डिलीवरी बाड़मेर जिले मे किसी स्थान पर होनी थी, जिसकी जानकारी एटीएस को मिल गई थी, लेकिन इसका पता तस्करो को लग गया और उन्होने बाड़मेर की जगह जैसलमेर मे डील करने का निर्णय किया। जैसलमेर में होने वाली इस 'डील' की भनक भी एटीएस को लग गई थी।
बाड़मेर से पूर्व में आई थी 60 किलो हेरोइन
याद रहे वर्ष सितम्बर 2009 में बाड़मेर सीमा से होकर साथ किलो हेरोइन आने की बात तस्कर सोढा खान ने पूछताछ के दौरान आनी बताई थी , और यारु खान के पास पचास किलो हेरोइन पकड़ी भी गई थी हालांकि दस किलो हेरोइन का अब तक कोई पता नहीं चला ।
पांच बार खेप आई गोला-बारूद और हेरोइन की
कुख्यात तस्कर सोढा खान के अनुसार बाड़मेर में पक़डी गई खेप तो पांचवीं थी। पुलिस के हत्थे चढ़े गोला-बारूद के तस्कर और बब्बर खासला के दो आतंकियों से अब तक की पूछताछ ने राजस्थान पुलिस के हाथ-पांव फुला दिएथे । पश्चिमी सीमा पर ब़ाडमेर के पास बरामद गोला-बारूद का जखीरा तो पांचवीं खेप थी। इससे पहले चार खेप वे आतंकियों तक पहुंचा चुके थे । पांचवीं खेप की डिलीवरी के वक्त पुलिस के हत्थे चढ़े तस्कर सोढ़ा खान और इससे जु़डे दूसरे तस्करों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ था । सोढा खान से पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि सबसे पहले मार्च 2009 में उसने माल की डिलीवरी रामदा को की थी। गुजरात का तस्कर रामदा फिलहाल गुजरात की ही जेल में बंद है। यह माल पाकिस्तान के आलिया के आदेश पर फोटिया लेकर आया था। दूसरी बार आलिया ने फिर सामान भिजवाया।
आलिया की कॉल पर सोढा ने माल की डिलीवरी मुबारक को की थी, तीसरी बार डिलीवरी लेने शेरू आया था, चौथी बार फिर सोढ़ा ने मुबारक को माल डिलीवर किया था। अब करीब साढ़े तीन साल इस मामले के बीतने के बाद भी पुलिस की नई मुसीबत अब जखीरे की वे चार खेप हैं, जो उसकी पहुंच से बाहर है। पुलिस अब भी बब्बर खालसा के आंतकी हरजोत की तलाश कर रही है। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि पिछली चार खेप की डिलीवरी मुबारक और शेरू ने हरजोत को की थी, लेकिन तबाही के सामान और आतंक के नेटवर्क के खुलासे में पुलिस की ब़डी अ़डचन है कोड नेम।
आईएसआई ने अपने गुर्गो की पहचान छुपाने के लिए कोड नाम दे रखा है। सोढा खान ने पूछताछ में बताया कि यदि उसके और दूसरे तस्कर खानिया में समझौता नहीं होता, तो शायद गोला-बारूद की पांचवीं खेप पुलिस को नहीं मिल पाती। इस पूछताछ में एक और खुलासा हुआ है। अब भारत में गोला-बारूद की डिलीवरी के लिए पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं ने रूट बदल दिया है। पहले वे डिलीवरी जम्मू-कश्मीर और पंजाब बॉर्डर से होती थी, लेकिन वहां सख्ती बढ़ने पर अब ब़ाडमेर-जैसलमेर से माल परमजीत सिंह उर्फ पम्मा की मॉनीटरिंग में हो रहा था। बाबर खालसा का आतंकी परमजीत सिंह उर्फ पम्मा अब लन्दन में बैठा हुआ हैं ।

Saturday, 9 June 2012

जोधपुर के सेना भर्ती रैली में टोकन सुविधा


जोधपुर के सेना भर्ती रैली में टोकन सुविधा 

सेना भर्ती कार्यालय, जोधपुर की सेना भर्ती रैली का आयोजन राजकीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय, जोधपुर में 02 जुलाई 2012 से 08 जुलाई 2012 तक किया जा रहा है। सेना भर्ती में प्रवेश के लिए टोकन सुविधा किया गया है। सेना भर्ती प्रकि्रया में भाग लेने के लिये अभ्यार्थियों को अपने तहसील कार्यालय से टोकन लेना अनिवार्य है। यह टोकन योग्य अभ्यार्थी को नि:शुल्क वितरण किया जाएगा। टोकन जारी करते समय अभ्यार्थी को योग्यता के आधार पर ही जारी होगा। सेना भर्ती के लिए अनिवार्य योग्यता निम्न प्रकार से है। अभ्यार्थी को सेना भर्ती प्रकि्रया के लिए तहसील द्वारा जारी टोकन के बिना प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 

पद 
शैक्षणिक योग्यताऐं 
शारीरिक योग्यताऐं 
जन्म तिथि 
उंचाई 
वजन 
सीना 
उम्र 
सैनिक सामान्य 
45:अंकों के साथ 10वीं कक्षा पास और प्रत्येक विषय में 32: अनिवार्य। अगर अभ्यार्थी 12वीं कक्षा पास है तो 45: अंक अनिवार्य नहीं है। 
170 
से.मी. 
50 
कि.ग्रा. 
77/82 
से.मी. 
171/221 से.मी. 
03 जुलाई 1991 से 01 जनवरी 1995 के अन्दर 
सैनिक क्लर्क/एस.के.टी. 
50:अंकों के साथ 12वीं कक्षा पास और प्रत्येक विषय में 40: अनिवार्य। अंग्रेजी, गणित/बुक कीपिंग/एकाउटेंसी विषय अनिवार्य। 
162 
से.मी. 
50 
कि.ग्रा. 
77/82 
से.मी. 
171/223 से.मी. 
03 जुलाई 1989 से 01 जनवरी 1995 के अन्दर 
सैनिक तकनीकी 
अंग्रेजी, गणित, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान के साथ 12वीं कक्षा पास होना चाहिए। 
170 
से.मी. 
50 
कि.ग्रा. 
77/82 
से.मी. 
171/223 से.मी. 
03 जुलाई 1989 से 01 जनवरी 1995 के अन्दर 
सैनिक नर्सिंग सहायक 
50:अंकों के साथ 12वीं कक्षा पास और प्रत्येक विषय में 40: अनिवार्य। अंगेजी, भौतिक विज्ञान और जीव विज्ञान विषय अनिवार्य। अगर उच्च शिक्षा प्राप्त है तो 12वीं में 50: अंक अनिवार्य नहीं है। 
170 
से.मी. 
50 
कि.ग्रा. 
77/82 
से.मी. 
171/223 से.मी. 
03 जुलाई 1989 से 01 जनवरी 1995 के अन्दर 


एस. डी. गोस्वामी 
रक्षा प्रवक्ता ;रक्षा मंत्रालय

बाड़मेर................. आओ बचाए जल , जंगल और जमीन : शम्मा खान

बाड़मेर.................
आओ बचाए जल , जंगल और जमीन : शम्मा खान 
        प्रतियोगिता में विजेता रही छात्रा को किया सम्मानित 
 

 देश को आजादी मिलने के समय मध्यप्रदेश में जमीन के अंदर भूजल १५ फीट की गहराई पर मिल जाता था । जनसंख्या बढ़ने तथा खेती और उद्योगों के विस्तार के कारण जमीन के पानी का अत्यधिक दोहन प्रारंभ हुआ । इससे तेजी से हालात बिगडे और कई नदियों का अस्तित्व संकट में आ गया । प्रदेश सरकार ने चयनित नदियों के १५-२० किलोमीटर के क्षेत्र में नदी उपचार कार्य करने का तय किया है । इनमें नदियों के जलागम क्षेत्र में कन्ट्ररट्रेंच, परकोलेशन टैंक, तालाब, मेढ़बंधान, मृदा बांध, स्टापडेम, पहाड़ पठार पर गली प्लग जैसी संरचना बनाई रही है , इसके अलावा पौधारोपण भी किया जा रहा है । हमे सरकार की ईन योजनाओ में ना केवल भागीदारी करनी चाहिए साथ ही इसकी सफलता के लिए अपना साथ देना चाहिए यह कहना हें चोहटन प्रधान शम्मा खान का . प्रधान चोहटन ऩे अपने यह विचार स्थानीय बालिका उच्च माद्यमिक विधालय में सी सी डी यू , भारत स्काउट गाइड बाड़मेर इकाई और जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के विश्व पर्यावरण सप्ताह के समापन और पुरुस्कार समारोह में बतोर मुख्य अतिथि के तोर पर कही . चोहटन प्रधान ऩे कहा कि कम आबादी के कारण प्राचीन भारत वन बाहुल्य था । भारतीय संस्कृति में वनस्पति को सजीव माना है, जिस कारण हमारी संस्कृति में वृक्षों और वनों को संरक्षण दिया गया है । इसीलिए प्राचीन भारत देश का ५० प्रतिशत से अधिक भू-भाग हमेशा वनाच्छादित रहा है । हरे-भरे वनों के कारण ही इस देश में भरपूर वर्षा होती थी, बारहमासी नदी-नाले और झरने पूरे देश में मौजूद थे, भू-जल का कोई अभाव नहीं था, जिस कारण भरपूर कृषि उत्पादन होता था। कृषि एवं वन क्षेत्रों में पशुआें के लिए पर्याप्त् चारा उपलब्ध होने के कारण दूध-दही का भी भरपूर उत्पादन होता था । शायद यही कारण था कि प्राचीन भारत में दूध-दही की नदियां बहने की कहावत चरितार्थ हुई । आज से ५० साल पूर्व तक भी खेती को ही उत्तम कर्म माना जाता था।
शम्मा खान बच्चो को सम्बोधित करते हुए 
 हरियाणा और पंजाब जैसे कृषि प्रधान प्रांतों में वन भूमि नहीं के बराबर है, क्योंकि यहां बहुत पहले वनों का सफाया करके वन भूमि को कृषि भूमि में बदल लिया गया है । आज जिन प्रांतों में वन बचे हैं, वहां बढ़ती आबादी एवं निजी तथा राजस्व भूमि की अनुपलब्धता के कारण वन भूमि पर लोगों की गिद्धदृष्टि हमेशा बनी रहती है । सी सी डी यू के आई ई सी कंसलटेंट अशोक सिंह ऩे बताया कि स्थानीय बालिका उच्च माद्यमिक विधालय में सी सी डी यू , भारत स्काउट गाइड बाड़मेर इकाई और जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग कि तरफ से विश्व पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह आयोजित किया गया . इस मोके जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के साहयक अभियंता सुनील राजवंशी के कहा की ग्लोबल वार्मिंग के लिए उतरदायी गैसों के उत्सर्जन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हो रही है । संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) के जलवायु विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने बताया कि एंडीज, अलास्का और द. पैसेफिक में स्थित मौसम केन्द्रों (वेदर स्टेशन) से जमा डाटा से साफ है कि यह बढ़ोतरी रिकॉर्ड लेवल से हो रही है । विश्व मौसम विज्ञान केन्द्र (डब्ल्यूएमओ) के अनुसार हवा में मौजूद हीट ट्रैपिंग कार्बन डाइऑक्साइड के कण १७५० के बाद अभी सबसे ज्यादा ३९ प्रतिशत की मात्रा में मौजूद है ।उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के दूरगामी प्रभावों को अंदाज कर यूएन (संयुक्त राष्ट्र संघ) अपने सदस्य देशों के सहयोग से यूएन फ्रेमवर्क कंवेन्शन्स ऑन क्लाइमेट चेज के तत्वाधान में वैशिवक सम्मेलनों के जरिए इसके उपाय ढूंढने की कोशिश में लगी है । हालांकि सम्मेलनों के मुद्दे राजनैतिक फायदे के कारण अमल में कम ही लाए जा रहे है और यह समस्या विश्व समुदाय के लिए अधिक भयावह होता चली जा रही है । वही बच्चों को वंदना गुप्ता , मुकेस व्यास , मुख्त्यार खिलजी ऩे सम्बोधित किया . इस मोके पर प्रीटी तातेड , दीपिका मालू , पूजा मालू और निकिता सोनी ऩे अपने काव्य अंदाज में पर्यावरण कि महता बताई . 

ये रहे इनामो के हकदार ...
 स्थानीय बालिका उच्च माद्यमिक विधालय में सी सी डी यू , भारत स्काउट गाइड बाड़मेर इकाई और जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग कि तरफ से विश्व पर्यावरण सप्ताह के समापन समारोह में मुख्य अतिथि शम्मा खान , जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के साहयक अभियंता सुनील राजवंशी , सी सी डी यू के आई ई सी कंसलटेंट अशोक सिंह ऩे बीते सप्ताह भर में आयोजित हुई विभिन्न प्रतियोगिताओ के विजेताओ को इनामो से नवाजा . निबंध प्रतियागिता में पहले स्थान पर मुमताज बानो , दुसरे स्थान पर नेहा सिहल , भाषण प्रतियागिता में पहले स्थान पर दीपिका मालू , दुसरे स्थान पर दीपिका भंसाली , कविता प्रतियागिता में पहले स्थान पर मनीष कुमार , दुसरे स्थान पर निकिता सोनी , चित्रकला प्रतियागिता सीनियर वर्ग में पहले स्थान पर उषा , दुसरे स्थान पर दिव्या , चित्रकला प्रतियागिता जूनियर वर्ग प्रतियागिता में पहले स्थान पर पायल भूतड़ा , दुसरे स्थान पर दीपिका सोनी रहे जिन्हें इनामो से नवाजा गया . विश्व पर्यावरण सप्ताह के आयोजन और पुरुष्कारो कि व्यवस्था सी सी डी यू कि बाड़मेर इकाई द्वारा किया गया .

Monday, 4 June 2012

बाड़मेर का बड़ा कांग्रेसी नेता फंसा सीडी काण्ड में, इंडिया टुडे का बड़ा खुलासा

बाड़मेर का बड़ा कांग्रेसी नेता फंसा सीडी काण्ड में, इंडिया टुडे का बड़ा खुलासा

बाड़मेर के एक बड़े कांग्रेसी नेता के अश्लील सीडी प्रकरण का बड़ा खुलासा इंडिया टुडे ग्रुप की हिंदी मैगज़ीन ने किया हैं !इस खुलासे के बाद बाड़मेर के राजनीतिक गलियारों में भूकंप जैसे हालात बन गये हैं ! वही बताया यह जा रहा हैं कि सीडी में कोई बड़ा नेता हैं लेकिन कौन नेता हैं इसका इंडिया टुडे में बताया नहीं गया हैं ! लेकिन कांग्रेस के नेता इस मामले में कुछ भी वक्तव्य देने को तैयार नहीं हैं ! इंडिया टुडे के इस खुलासे के बाद भंवरी-महिपाल प्रकरण भाग-2 सामने आ रहा हैं !

Thursday, 31 May 2012

विडियो में देखे- लड़कियों ने एक लड़की के कपड़े उतार कर उसका एमएमएस बनाया


विडियो में देखे- लड़कियों ने एक लड़की के कपड़े उतार कर उसका एमएमएस बनाया
शायद पहली बार ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें लड़कियों ने एक लड़की का एमएमएस बनाया। यह घटना है हरियाणा के पंचकूला की। 19 साल की कॉलेज स्टूडेंट रीना (बदला हुआ नाम) को उसी की चार सहेलियों ने पीटा और कपड़े उतार कर उसका एमएमएस बनाया। रीना की सहेलियां उससे पैसे मांग रही थीं। पैसे न मिलने पर उन्होंने रीना का एमएमएस बनाकर सर्कुलेट कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक पीजी हॉस्टल में रहने वाली ये लड़कियां 26 सितंबर को कार में रीना को एक सुनसान जगह पर लेकर गईं और मौज-मस्ती करने के लिए पैसे मांगने शुरू कर दिए। जब रीना उन्हें पैसे नहीं दे पाई तो लड़कियों ने रीना की पिटाई की और कपड़े उतार दिए। इस पूरी घटना को एक लड़की शूट भी कर रही थी। इस विडियो क्लिप को बाद में लड़कियों ने बांट भी दिया। घटना 26 सितंबर की है, मगर शुरू में रीना ने बदनामी के डर से किसी से इस घटना की चर्चा नहीं की। बाद में जब उसे पता चला कि उसके एमएमएस को सर्कुलेट भी कर दिया गया है तो उसने इसकी शिकायत एसीपी ऑफिस में की। वहां से शिकायत थाने पहुंची और थाने से इंस्पेक्टर ओम प्रकाश लड़की के घर गए। इंस्पेक्टर ने बाद में बताया कि लड़की अभी औपचारिक तौर पर शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहती है। इस विडियो क्लिप में सभी लड़कियों का चेहरा साफ दिख रहा है और इसे कई न्यूज़ चैनलों पर भी दिखाया जा चुका है, फिर भी पुलिस किसी कार्रवाई से बच रही है।
शायद पहली बार ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें लड़कियों ने एक लड़की का एमएमएस बनाया। यह घटना है हरियाणा के पंचकूला की। 19 साल की कॉलेज स्टूडेंट रीना (बदला हुआ नाम) को उसी की चार सहेलियों ने पीटा और कपड़े उतार कर उसका एमएमएस बनाया। रीना की सहेलियां उससे पैसे मांग रही थीं। पैसे न मिलने पर उन्होंने रीना का एमएमएस बनाकर सर्कुलेट कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक पीजी हॉस्टल में रहने वाली ये लड़कियां 26 सितंबर को कार में रीना को एक सुनसान जगह पर लेकर गईं और मौज-मस्ती करने के लिए पैसे मांगने शुरू कर दिए। जब रीना उन्हें पैसे नहीं दे पाई तो लड़कियों ने रीना की पिटाई की और कपड़े उतार दिए। इस पूरी घटना को एक लड़की शूट भी कर रही थी। इस विडियो क्लिप को बाद में लड़कियों ने बांट भी दिया। घटना 26 सितंबर की है, मगर शुरू में रीना ने बदनामी के डर से किसी से इस घटना की चर्चा नहीं की। बाद में जब उसे पता चला कि उसके एमएमएस को सर्कुलेट भी कर दिया गया है तो उसने इसकी शिकायत एसीपी ऑफिस में की। वहां से शिकायत थाने पहुंची और थाने से इंस्पेक्टर ओम प्रकाश लड़की के घर गए। इंस्पेक्टर ने बाद में बताया कि लड़की अभी औपचारिक तौर पर शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहती है। इस विडियो क्लिप में सभी लड़कियों का चेहरा साफ दिख रहा है और इसे कई न्यूज़ चैनलों पर भी दिखाया जा चुका है, फिर भी पुलिस किसी कार्रवाई से बच रही है।

जल्द बर्बाद होना चाहते हैं तो अपनाइए ये तरीका


जल्द बर्बाद होना चाहते हैं तो अपनाइए ये तरीका
 
 मनीष कुमार (उम्र 35) पिछले दस साल से प्राइवेट फर्म में काम कर रहे हैं। स्ट्रेस और स्टैंडर्ड मेनटेन करने के लिए सिगरेट और तंबाकू का सेवन शुरू कर तो दिया लेकिन वे इसके आदी हो गए। तीन साल पहले मालूम पड़ा कि उन्हें कैंसर है, जो फर्स्ट स्टेज में था।
प्राइमरी स्टेज पर इलाज कराने में करीब दो लाख गवां दिए। असर न पड़ने पर कीमोथैरेपी और आखिर में ऑपरेशन कराना पड़ा। ऑपरेशन में 5 से 6 लाख का खर्च आया। डॉक्टर्स ने उनके लिए विशेष डाइट चार्ट बताया, जिसके लिए महीने में 50 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं।
दस साल में उन्होंने 18 लाख रुपए कमाए, जबकि करीब 8 लाख इलाज में इनवेस्ट कर दिए। जबकि सिगरेट व तंबाकू में पिछले दस साल में 1 लाख 50 हजार खर्च किए सो अलग। शहर में ऐसे कई लोग हैं, जो जितना कमा रहे हैं, उसका दस फीसदी हिस्सा तंबाकू और सिगरेट पर इनवेस्ट कर रहे हैं।
एक्सपर्ट के मुताबिक जिस बजट को प्लांड मैनर में बनाकर आप अपनी जिंदगी को सुरक्षा दे सकते हैं, तंबाकू की लत के कारण भविष्य में वह जिंदगी को बचाने के लिए खर्च करना पड़ सकता है। फाइनेंशियल एडवाइजर अनुराग श्रीवास्तव के मुताबिक जितने रुपए युवा अपनी इस लत में खर्च करते हैं, उतने रुपए से अपना बैंक बैलेंस बनाने के साथ ही लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी, प्रॉपर्टी, हेल्थ इंश्योरेंस, कार व रिटायरमेंट के बाद के लिए इन्वेस्टमेंट पॉलिसीज आदि ले सकते हैं।
धुएं में उड़ रही टीनएज

शहर के करीब 60 फीसदी टीनएजर सिगरेट और तंबाकू के आदी हैं। युवा स्मोकिंग को फैशन और स्टेटस सिंबल के रूप में ले रहे हैं। 25 से ज्यादा सिगरेट पीने से ओरल कैंसर का खतरा और बढ़ जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.अक्षय निगम कहते हैं कि दस साल पहले तक हमारे पास दिन में 10 मरीज ही ओरल कैंसर के आते थे, लेकिन आज दिन में 40 से 50 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें तंबाकू के कारण कैंसर हुआ है।


छुपकर बेच रहे गुटखा

एक अप्रैल को मध्यप्रदेश सरकार ने गुटखे की बिक्री पर रोक लगा दी है। बावजूद इसके शहर में इसकी बिक्री अभी भी जारी है। सूत्रों का कहना है कि ग्वालियर से उत्तरप्रदेश और राजस्थान के जिलों की सीमाएं जुड़ी हुई हैं, जहां से व्यापारी गुटखा लाकर चोरी- छिपे बेच रहे हैं। वहीं सिगरेट कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर आलोक जैन बताते हैं कि शहर में सिगरेट की प्रतिमाह बिक्री तीन करोड़ रुपए की हो रही है।


..तो ही छोड़ पाएंगे लत

स्मोकिंग और तंबाकू की लत छोड़ने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी व्यक्ति का मेंटली स्ट्रांग होना है। नशा मुक्ति केंद्र चला रहे धीरज सोनी कहते हंैं कि अगर किसी को यह आदत छोड़नी है तो उसकी साइकोलॉजिकल काउंसिलिंग सबसे ज्यादा मैटर करती है। यदि ये मेडिकल ट्रीटमेंट की बात करें, तो ओरल मेडिसिन सबसे कारगार है। मेडिकेशन शुरू होने पर डिप्रेशन या स्लीपिंग डिसऑर्डर की शिकायत होती है।


रखें सेल्फ कंट्रोल

ऐसे लोगों से दूर रहें, जो तंबाकू का सेवन करते हैं या सिगरेट पीते हैं। कई बार इनकी स्मेल से ही लोगों को फिर से अट्रेक्शन होने लगता है।

शेड्यूल बिजी रखें ताकि इन आदतों के बारे में सोचने का समय न मिले।

सेल्फ कंट्रोल के लिए एक्सरसाइज और मेडिटेशन अच्छे हैं।


करियर डूब गया

मनोज सिंह डॉक्टर बनना चाहते थे। मेडिकल में सिलेक्शन भी हो गया। एक साल अच्छे से पढ़ाई की, लेकिन तंबाकू की लत के चलते वे हाईपरटेंशन के शिकार हो गए। बीमारी के कारण एक साल तक पढ़ाई से ब्रेक लिया। दिमाग पर ज्यादा जोर न पड़े, इसके लिए फिलहाल बीए कर रहे हैं। वे कहते हैं कि अब अपना ही कोई बिजनेस शुरू करेंगे।



जॉब छोड़नी पड़ी

विनय श्रीवास्तव 20 साल की उम्र से तंबाकू का सेवन करते आ रहे थे। यह उनका शौक मात्र था, मैनेजमेंट करके एक एमएनसी कंपनी में जॉब मिल गई।12 साल लगातार तंबाकू खाने से उन्हें कैंसर हो गया। इलाज कराने के बाद मुंह में टेढ़ापन भी आ गया। शर्म के कारण उन्होंने एमएनसी छोड़ दी और अब मात्र 10 हजार की जॉब कर रहे हैं।


जब हुआ शर्मिदा

प्राइवेट बैंक के ब्रांच मैनेजर सुनील मिश्रा (परिवर्तित नाम) पिछले 20 साल से लगातार तंबाकू खा रहे हैं। उनके अनुसार वे दिन में 15 पाउच तंबाकू लेते थे। एक दिन उनके दस साल के बेटे सुदीप ने अपने जन्मदिन पर गिफ्ट के तौर पर श्री मिश्रा से तंबाकू न खाने का प्रॉमिस लिया। बेटे की बात नकार नहीं सकते थे, इसलिए तंबाकू लेना छोड़ दिया।


चेतावनी दी तब छोड़ी

रामनिवास कहते हैं कि मुझे पिछले 20 साल से डायबिटीज है। साथ ही स्मोकिंग की भी लत पड़ गई थी। हर दो घंटे में एक सिगरेट पीता था। छह महीने पहले सीने में दर्द हुआ। जांच में पता चला कि अटैक के चांसेज हैं। डॉक्टर ने चेतावनी दी कि सिगरेट नहीं छोड़ी तो जल्द ही अटैक आ सकता है। उसी दिन से सिगरेट से तौबा कर ली।

शादी कर बनाया अश्लील एमएमएस, घर लौटकर सुनाई दुखभरी दास्तान


शादी कर बनाया अश्लील एमएमएस, घर लौटकर सुनाई दुखभरी दास्तान
 

कमला नगर थाना क्षेत्र में एक एएसआई की बेटी को धोखा देकर शादी रचाने का मामला सामने आया है। आरोपी की पहले ही दो पत्नियां हैं, इसके बाद भी उसने युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया और उसके साथ शादी कर एमएमएस भी बनाया।
युवक के शादीशुदा होने का पता चलने पर युवती घर लौट आई और परिजन के साथ थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। पुलिस लाइन, नेहरू नगर निवासी 22 वर्षीय युवती के पिता डीआरपी लाइन में एएसआई हैं। पुलिस के मुताबिक युवती का आरोप है कि रेतघाट, तलैया में रहने वाला साहिल खान (27) उसे अपने प्रेमजाल में फंसाकर बीते 23 अप्रैल को भगा ले गया।
इसके बाद दोनों ने शादी रचा ली, लेकिन कुछ दिनों बाद ही युवती को पता चला कि साहिल की पहले से दो पत्नियां हैं। उसने युवती से कोरे कागजों पर दस्तखत भी करवाए और उसका अश्लील एमएमएस भी बनाया। आरोपी की सच्चाई सामने आने के बाद युवती अपने घर लौट आई और पूरी दास्तान अपने परिजनों को बताई। फिर अपने पिता के साथ कमला नगर थाने पहुंचकर मामला दर्ज करवाया।

'मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना, मेरी लाश आप तक पहुंच जाएगी'


'मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना, मेरी लाश आप तक पहुंच जाएगी'
मैं घर छोड़कर जा रही हूं, मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। मेरी लाश आप लोगों तक पहुंच जाएगी। हाईस्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा ने घर छोड़ने से पहले छोड़े नोट में कुछ ऐसा ही जिक्र किया है।
 

बुधवार शाम वह घर छोड़कर चली गई और देर रात तक नहीं लौटी है। न्यू अशोका गार्डन निवासी 15 वर्षीय नेहा पिता हरिशंकर शर्मा कक्षा दसवीं की छात्रा है। उसकी बड़ी बहन रुक्मणी ने बताया कि बीते साल वह हाईस्कूल की परीक्षा में फेल हो गई थी।


कुछ दिनों में उसका हाईस्कूल की परीक्षा का परिणाम भी घोषित होने वाला है। बुधवार शाम करीब पांच बजे वह मंदिर से घर लौटी और तब से गायब है। संभावना जताई जा रही है कि दोबारा फेल होने के डर से उसने यह कदम उठाया है।


12000 करोड़ के बाबा: अरबों का बैंक बैलेंस, 150 करोड़ की कारें


12000 करोड़ के बाबा: अरबों का बैंक बैलेंस, 150 करोड़ की कारें 
 

गत 18 मई को में ब्रह्मलीन हुए बाबा जय गुरुदेव की संपत्ति का हिसाब-किताब लगाया जा रहा है तो आंखें चौंधिया जा रही हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक बाबा 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का साम्राज्‍य छोड़ गए हैं। बाबा टाट के वस्‍त्र धारण करने की नसीहत देते थे, लेकिन उनकी संपत्ति से ठाठ का अंदाज लगाया जा सकता है। और अब यह संपत्ति उत्‍तराधिकार विवाद को गहरा सकती है।
संपत्ति में क्‍या-क्‍या बाबा के ट्रस्ट के मथुरा में आधा दर्जन से ज्यादा बैंक शाखाओं में खाते और एफडीहैं। एसबीआइ मंडी समिति ब्रांच के चालू खाते में एक अरब रुपए जमा बताए जाते हैं। कई अरब रुपए की एफडी भी हैं। अचल संपत्ति में ज्यादातर मथुरा-दिल्ली हाईवे पर एक तरफ साधना केंद्र से जुड़ी जमीनें हैं, तो दूसरी तरफ बाबा का आश्रम है। तीन सौ बीघे जमीन पर एक आश्रम इटावा के पास खितौरा में बन रहा है। एक आकलन के मुताबिक बाबा के ट्रस्ट के पास चार हजार एकड़ से ज्यादा जमीन है। जय गुरुदेव के ट्रस्ट के नाम से मथुरा में स्कूल और पेट्रोल पंप भी हैं। बाबा के आश्रम में दुनिया की सबसे महंगी गाड़ियों का लंबा काफिलाहै। इसमें पांच करोड़ से ज्यादा कीमत की लिमोजिन गाड़ी भी है। करोड़ों की प्लेमाउथ, ओल्ड स्कोडा, मर्सडीज बेंज और बीएमडब्ल्यू सहित तमाम गाडियों की कीमत 150 करोड़ के आसपास आंकी जा रही है।
दान से आय: आश्रम को हर महीने दस-बारह लाख रुपये का दान मिलता है। इसमें पूर्णिमा, गुरू पूर्णिमा और होली के आयोजनों पर आने वाला दान शामिल नहीं है।

250 से 40000 करोड़ तक की संपत्ति वाले बाबाओं पर एक नजर


250 से 40000 करोड़ तक की संपत्ति वाले बाबाओं पर एक नजर
आज के दौर में नामी-गिरामी बाबाओं की संपत्ति का साम्राज्‍य इतना विस्‍तृत हो गया है कि जनता के बीच यह जुमला आम हो गया है, 'बाबा बनने में बड़ा फायदा है।' कुछ बाबाओं की संपत्ति पर एक नजर:
बाबा रामदेव: बाबा के ट्रस्‍ट की संपत्ति के बारे में बात करें तो पिछले वित्त वर्ष में बाबा रामदेव ने दिव्य योग मंदिर और पतंजलि योगपीठ का कुल टर्नओवर 1100 करोड़ रुपए बताया था। लेकिन इसके अलावा भी बाबा के कई प्रोजेक्ट हैं जिनपर करोड़ो रुपया लगना है। बाबा की हरिद्वार में दिव्य फार्मेसी से हर साल 50 करोड़ रुपए की आय होती है। बाबा रामदेव का 500 करोड़ की लागत से बनने वाला फूड पार्क भी आमदनी का अच्छा स्रोत है। बाबा रामदेव हर साल योग कैंप लगाते हैं जिससे हर साल कुल 25 करोड़ रुपए की कमाई होती है। इस कैंप में कुल 50,000 लोग शिरकरत करते हैं और हर व्यक्ति 5,000 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस देता है। हर साल बाबा रामदेव की किताबों और सीडी की बिक्री से 2-3 करोड़ रुपए कमाई होती है।
बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण के नाम 34 कंपनियां है जिनका टर्नओवर 265 करोड़ रुपए हैं। यह जानकारी सरकार की ओर से लोकसभा में दी गई थी। बालकृष्ण उत्तराखंड में पंजीकृत 23 कंपनियों के निदेशक हैं जिनका कारोबार 94.84 करोड़ रुपए है। इसके अलावा बालकृष्ण के नाम 5 कंपनियां उत्तरप्रदेश में पंजीकृत है जिनका कुल व्यापार 5 लाख रुपए है और 4 कंपनियां दिल्ली में रजिस्टर्ड हैं जिनका कुल कारोबार 163.06 करोड़ रुपए है जबकि पश्चिम बंगाल में भी एक कंपनी है जिसका कुल व्यापार 8 करोड़ रुपए है। इसके अलावा बालकृष्ण महाराष्ट्र की एक कंपनी में भी निदेशक हैं लेकिन इसके कारोबार के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
सत्‍य साईं बाबा: पुट्टपर्थी स्थित सत्य साईं बाबा के महाप्रयाण होने के बाद पता चला कि उनके यजुर मंदिर में 34.5 किलो सोना, 340 किलो चांदी और 1.90 करोड़ रुपए नकदी पड़ा था। बाबा के निधन के बाद मंदिर में जब पहली बार खजाने की खोज शुरू हुई तो 11.56 करोड़ रुपए, 98 किलो स्वर्णाभूषण, 307 किलो चांदी के सामान मिले थे। वहां से मिले कुल संपत्ति का ब्‍यौरा अभी भी सार्वजनिक होना बाकी है। वैसे कहा जा रहा है कि सत्‍य साईं द्वारा छोड़ी गई कुल संपत्ति का मूल्‍य 40 हजार करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा है।

कुछ और अरबपति बाबाओं की अनुमानित संपत्तिनिर्मल बाबा का सालाना टर्नओवर - 238 करोड़ रुपए (एक इंटरव्यू में बताया)
पॉल दिनाकरण का सालाना टर्नओवर - 5000 करोड़ रुपए
श्रीश्री रविशंकर की संपत्ति - 500 करोड़ रुपए
माता अमृतानंदमयी की दौलत - करीब 400 करोड़ रुपए
आसाराम बापू का सालाना टर्नओवर - 500 करोड़ रुपए
बाबा राम रहीम की दौलत - 300 करोड़ रुपए से ज्यादा
संत मोरारी बापू की संपत्ति - 300 करोड़ रुपए
महर्षि महेश योगी के पास - 250 अरब की संपत्ति

12000 करोड़ पर झगड़ा: लाश किसी की और मौत बता दी बाबा जय गुरुदेव की?


12000 करोड़ पर झगड़ा: लाश किसी की और मौत बता दी बाबा जय गुरुदेव की?
 

बाबा जय गुरुदेव की विरासत कौन संभालेगा, इसे लेकर शुरू हुई लड़ाई अब सड़क पर आने वाली है। बाबा का त्रयोदशी संस्‍कार (तेरहवीं) और ब्रह्म भोज 30 मई को है। लेकिन इससे पहले ही उत्‍तराधिकार का विवाद गहरा रहा है। 28 मई को जंतर-मंतर पर इस सिलसिले में धरना-प्रदर्शन भी होने जा रहा है।
आरोप है कि बाबा के कुछ खास सिपहसालार गुरुदेव के विशाल साम्राज्य पर नजरें गड़ाए हुए हैं। यह साम्राज्‍य 12 हजार करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इसे लेकर अब संगत के बीच ही सवाल उठने लगे हैं और आरोप-प्रत्‍यारोप भी हो रहे हैं। उत्‍तराधिकार को लेकर अनुयायी दो खेमों में बंट गए हैं। एक पक्ष का मानना है कि जब बाबा ने विरासत की हिफाजत के लिए 16 मई 2007 में उन्नाव के बशीरतगंज में सत्संग के दौरान सब साफ कर दिया था, फिर उत्तराधिकार का विवाद क्यों? इन अनुयायियों के मुताबिक उस समय बाबा ने कहा था कि जो नये लोग आएंगे, और नाम लेंगे, उमाकांत तिवारी उनको नामदान देंगे। जिला संगत का बड़ा तबका तिवारी के साथ बताया जा रहा है।
पर एक अनुयायी शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने शनिवार को आरोप लगाया कि बाबा व संगत की अथाह संपत्ति पर कुछ लोगों की निगाह है। ये लोग बाबा के करोड़ों अनुयायियों की आस्था को ठेस पहुंचाने की साजिश रच रहे हैं। उन्‍होंने यह भी कह दिया कि बाबा के हजारों अनुयायी इस मसले पर उनके साथ हैं और वे सभी 28 मई को जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। त्रिपाठी ने तो बाबा की मौत पर भी सवाल उठा दिए। उन्‍होंने बाबा के पार्थिव शरीर की लंबाई तथा बाबा की बाईं नाक के ऊपर मस्सा होने-न होने आदि पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।
बाबा जय गुरुदेव के प्रमुख अनुयायियों में से एक, चरन सिंह एडवोकेट ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने कहा कि सब कुछ बाबा के आदेश के अनुसार ही हो रहा है। उत्तराधिकारी के बारे में निर्णय अभी नहीं लिया गया है। तेरहवीं के बाद ट्रस्ट की बैठक होगी, उसमें निर्णय लिया जायेगा।


विधवा को दोस्‍त बनाया और वैष्‍णो दर्शन के नाम पर रेप कर बनाया एमएमएस


विधवा को दोस्‍त बनाया और वैष्‍णो दर्शन के नाम पर रेप कर बनाया एमएमएस
कोटला मुबारकपुर थाना पुलिस ने एक युवक को विधवा को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने व उसका एमएमएस बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम रोहन है, जो मूलरूप से यूपी का रहने वाला है। पीडि़त महिला लाजपत नगर स्थित एक शोरूम में बतौर काम करती थी। वहां पर रोहन अक्सर खरीददारी के लिए आता था। दोनों के बीच दोस्ती हुई और एक दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए।
 

रोहन महिला को बहाने से वैष्णो देवी ले गया, जहां उसने एक होटल में न सिर्फ महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया, बल्कि उसकी वीडियो क्लिपिंग भी बनाई। इस दौरान युवक ने महिला को कुछ नशीला पदार्थ भी पिलाया था। दिल्ली आने के बाद युवक ने वीडियो क्लिपिंग महिला को दिखाई और फिर उसे ब्लैकमेल कर न सिर्फ उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, बल्कि उससे एक लाख 70 हजार रुपए भी ऐंठ लिए।



युवक की धमकियों से तंग आकर महिला ने मामले की शिकायत कोटला मुबारकपुर थाने में की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर रोहन को गिरफ्तार कर लिया है।

ड्राइवर को सौंपी 12 हजार करोड़ की विरासत, तिवारी ने की बगावत


ड्राइवर को सौंपी 12 हजार करोड़ की विरासत, तिवारी ने की बगावत
मथुरा. बाबा जयगुरुदेव धर्म प्रचार संस्था ने बाबा के ड्राइवर पंकज यादव को उनकी 12 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति की विरासत संभालने की जिम्‍मेदारी सौंपी है। जय गुरुदेव के फैसले का हवाला देते हुए उन्‍हें ट्रस्ट का अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है, लेकिन इस फैसले से नामदान देने वाले उत्तराधिकारी उमेश तिवारी का गुट बगावती तेवर दिखा रहा है। स्वयं उमेश तिवारी भूमिगत हो गए हैं।
 
पंकज यादव ने बाबा को मुखाग्नि दी थी। बुधवार को बाबा की तेरहवीं थी। बाबा के भक्त फूल सिंह ने सार्वजनिक रूप से एक पत्र पढ़कर सुनाया, जो बाबा द्वारा लिखा बताया गया। पत्र के अनुसार 20 जुलाई 2010 को बाबा ने इटावा की सिविल अदालत में लिखित में दिया था कि उनके बाद पंकज को उत्तराधिकारी बनाया जाए। फूल सिंह ने ट्रस्ट प्रबंधक संतराम चौधरी, रामकृष्ण यादव दददू, चरन सिंह एडवोकेट सहित तमाम पदाधिकारियों की मौजूदगी में यह पत्र पढ़ा। इसके कुछ ही देर बाद माहौल बदलने लगा।



पंकज यादव के नाम की घोषणा होने से पहले मंदिर के ही एक ट्रस्टी के.बी. चौधरी ने मीडिया को बताया कि वर्ष 2007 में बाबा जयगुरुदेव ने उन्नाव के सत्संग में उमाकांत तिवारी को नामदान, यानी गुरुमंत्र देने के लिए अधिकृत किया था। ऐसे में पंकज का नाम बतौर उत्‍तराधिकारी घोषित होने के बाद तिवारी समर्थक लामबंद होने लगे। खुद तिवारी ने मंच से घोषणा कर दी कि वह खुद को अभी नामदान देने लायक नहीं मानते। उनका कहना था कि वह अभी ध्यान लगाएंगे और खुद को इस लायक बनायेंगे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं है।



पंकज को जिस तरह और जिन परिस्थितियों में उत्‍तराधिकारी घोषित किया गया, वह भी विवादित लग रहा है। चरन सिंह के मुताकि फूल सिंह जिस पत्र में पंकज को बाबा द्वारा उत्तराधिकारी घोषित करने की बात कह रहे हैं, वह इस तरह घोषणा के लिए नहीं है। उनके मुताबिक कोर्ट में विचाराधीन एक मामले के सिलसिले में बाबा ने यह जिक्र किया था।
उनके नाम की घोषणा से पहले संस्था ने भी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यही कहा था कि शीघ्र ही प्रबंधन समिति की बैठक बुलायी गयी है, उसी में अहम निर्णय होंगे। ऐसे में यह चर्चा भी हो रही है कि पंकज को एक खेमा मोहरे के रूप में इस्‍तेमाल कर रहा है, ताकि फिलहाल तिवारी गुट को उग्र होने से बचाया जा सके और विरासत पर उसका दबदबा बना रहे।



सूत्र यह भी बता रहे हैं कि पंकज को उत्‍तराधिकारी बनाए जाने को लेकर ट्रस्‍ट प्रबंध समिति के केवल तीन पदाधिकारी ही सहमत हैं। इनमें रामकृष्ण यादव दद्दू, चरण सिंह व संतराम चौधरी के नाम बताए जा रहे हैं। ऐसे में अभी बाबा की विरासत को लेकर खींचतान जारी रहने की आशंका है।

Wednesday, 30 May 2012

शादी का झांसा देकर होटल में किया रेप, बनाई अश्‍लील क्लिपिंग

शादी का झांसा देकर होटल में किया रेप, बनाई अश्‍लील क्लिपिंग

मुबारकपुर थाना पुलिस ने एक युवक को विधवा को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने व उसका एमएमएस बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम रोहन है, जो मूलरूप से यूपी का रहने वाला है। पीडि़त महिला लाजपत नगर स्थित एक शोरूम में बतौर काम करती थी। वहां पर रोहन अक्सर खरीददारी के लिए आता था। दोनों के बीच दोस्ती हुई और एक दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए। रोहन महिला को बहाने से वैष्णो देवी ले गया, जहां उसने एक होटल में न सिर्फ महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया, बल्कि उसकी वीडियो क्लिपिंग भी बनाई।
इस दौरान युवक ने महिला को कुछ नशीला पदार्थ भी पिलाया था। दिल्ली आने के बाद युवक ने वीडियो क्लिपिंग महिला को दिखाई और फिर उसे ब्लैकमेल कर न सिर्फ उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, बल्कि उससे एक लाख 70 हजार रुपए भी ऐंठ लिए। युवक की धमकियों से तंग आकर महिला ने मामले की शिकायत कोटला मुबारकपुर थाने में की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर रोहन को गिरफ्तार कर लिया है।

विदेशी कॉलगर्ल के साथ हाथ लगी 'वीआईपी' ग्राहकों की लिस्ट

विदेशी कॉलगर्ल के साथ हाथ लगी 'वीआईपी' ग्राहकों की लिस्ट

क्राइम ब्रांच ने विदेशी महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हाई प्रोफाइल कॉल गर्ल रैकेट का भंडाफोड़ कर महिला दलाल समेत छह महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये सभी उज्बेकिस्तान की रहने वाली हैं, जिनकी उम्र 27 से 33 वर्ष के बीच है। यह गिरोह दक्षिणी दिल्ली के हाईप्रोफाइल इलाके में रह कर अपना धंधा चला रहा था। इन सभी के पास से लैपटॉप के साथ-साथ 'वीआईपी' ग्राहकों की एक लिस्ट भी बरामद की गई है।
गिरोह ग्राहकों की अय्याशी के लिए बेली डांस से लेकर अन्य पार्टी का आयोजन भी करता था। इस काम के लिए गिरोह की महिलाएं दिल्ली के अलावा शिमला, जयपुर, गोवा तक भी जाती थीं। गिरोह एक रात के लिए 25 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक वसूलता था।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजय कुमार जैन ने बताया कि इंस्पेक्टर आरती शर्मा की टीम में शामिल हवलदार अमित तोमर को सूचना मिली कि छतरपुर एक्सटेंशन से कुछ उज्बेकिस्तान की महिलाएं कॉल गर्ल रैकेट चला रही है ,
सूचना के आधार पर नकली ग्राहक के तौर पर पुलिस टीम के ही एक सदस्य को भेजा गया। इसके बाद 29 मई को छतरपुर फार्म हाउस के पास से छह उज्बेकिस्तानी महिलाओं को गिरफ्तार किया। इस गिरोह की सरगना की पहचान गुलनाज (33) के रूप में की गई। उसने पुलिस को बताया कि वह पिछले तीन वर्षो से दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में देह व्यापार का धंधा चला रही है। उसने यह भी खुलासा किया कि उसने छतरपुर एक्सटेंशन में 14 हजार रुपए प्रति माह पर एक मकान किराए पर ले रखा है। वहां वह अपने साथ कुछ लड़कियों को रखती है तथा कुछ को वसंत विहार में किराए का फ्लैट दिलाया हुआ है।
वह अपने गिरोह की लड़कियों को क्लाइंट से मिलाने से लेकर उसके पास ले जाने-लाने का पूरा इंतजाम करती थी। गिरोह अपने उसूल के हिसाब से अपने पुराने क्लाइंट के रेफरेंस पर ही नए क्लाइंट को सेवा मुहैया कराता था।
एक रात के लिए एक लड़की की एवज में 20 से 25 हजार रुपए तक चार्ज किए जाते थे, इसके अलावा यदि बात बेली डांस या फिर वीकेंड पार्टी की होती तो उसके लिए एक रात के लिए एक लाख रुपए तक वसूला जाता था।
इस गिरोह से जुड़ी उज्बेकिस्तानी महिलाएं/युवतियां तीन से छह महीने के वीजा पर भारत आती थीं। इन लड़कियों को एक मुश्त रकम अदा की जाती थी, जो लाखों में होती थी। इनमें से एक महिला ऐसी है, जो यहां काफी जानी जाती है
इस महिला की शादी एक भारतीय युवक से करा दी गई थी, जिससे उसे वीजा मिलने में आसानी रहे। दिल्ली पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े एक भारतीय दलाल की भी पहचान कर ली है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने इन महिलाओं से जुड़ी जानकारी उज्बेकिस्तान के दूतावास को दे दी है।





ब्वॉयफ्रेंड के सामने गिड़गिड़ाती रही गर्लफ्रेंड, प्लीज मत दो ऐसा तोहफा




ब्वॉयफ्रेंड के सामने गिड़गिड़ाती रही गर्लफ्रेंड, प्लीज मत दो ऐसा तोहफा
चाकू की नोक पर छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया गया है। घटना को संघर्षनगर में दो मित्रों ने अंजाम दिया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीड़ित 17 वर्षीय छात्रा पारसिवनी की निवासी है। कहा जा रहा है कि वह शहर में रिश्तेदार के यहां आई हुई थी। उसी दौरान उसके 24 वर्षीय युवक से प्रेम संबंध स्थापित हुए। 19 तारीख को युवक छात्रा को शादी का झांसा देकर संघर्षनगर से भगाकर ले गया।
वहां पर उसने अपने एक मित्र के साथ चाकू की नोक पर छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया। उस दौरान छात्रा अपनी इज्जत की दुहाई देते हुए आरोपियों के हाथ-पैर जोड़ती रही। परंतु आरोपियों ने उसकी एक न सुनी और उसकी इज्जत को तार-तार कर दिया।
उधर छात्रा के गायब होने से परिजन भारी चिंता में थे। उन्होंने छात्रा की बहुत खोजबीन की। लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। छात्रा 19 तारीख से 29 तारीख तक गायब थी। कहा जा रहा है कि आरोपी उसे यहां-वहां ले जाकर उसकी अस्मत लूटते रहे।
इस बीच मंगलवार को छात्रा आरोपियों के चंगुल से भाग निकली व रिश्तेदार के घर पहुंची। जिन्हें अपनी आपबीती बताई। इसके बाद रिश्तेदार उसे थाने ले आए। पुलिस ने उसकी चिकित्सकीय जांच की है। जिसमें दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई है। देर रात को पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। आरोपी पुलिस की गिरफ्तर से बाहर हैं। नंदनवन थाने के उपनिरीक्षक तिलेकर ने मामले की जांच कर रहे हैं।


जून में अशोक गहलोत का जाना तय ?

असंतुष्टो का दावा बड़ा बदलाव संभव कर्नल का कद बढेगा  
बाड़मेर सीमावर्ती बाड़मेर जिले से राजनीती आंधी जून माह में उड़ेगी जो राज्य की राजनीती की दिशा और दशा दोनों बदल देगी .बाड़मेर जिले के बायतु विधानसभा क्षेत्र से विधायक कर्नल सोनाराम जो अशोक गहलोत के घुर विरोधी और असंतुष्ट नेताओं के अगुआ माने जा रहे हें ने अशोक गहलोत के खिलाफ पूरा मोर्चा खोल उनके मुख्यमंत्री रहने के मार्ग पर कांटे बिछा दिए हें मंगलवार को जयपुर में सरकार में मंत्री अशोक बेरवा के यंहा जुटे असंतुष्टो ने अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा पूरी तरह खोल दिया हें कर्नल सोनाराम अपनी राजनीती ताकत बद्शाने के साथ अशोक गहलोत के लिए चुनौती बन कर उभर रहे हें सोनाराम का दावा हें की जून माह में अशोक गहलोत की विदाई तय हें गहलोत सरकार के खिलाफ चालीस विधायक जुटे हें जिनकी तादाद और अधिक बढ़ेगी पहले तो सिर्फ विधायक खिलाफ थे अब सरकार में मंत्री भी खुल कर सामने आ रहे हें .राजनीती हलको में माना जा रहा हें असंतुष्ट गतिविधियों का सञ्चालन कर रहे कर्नल को केंद्र से सरपरस्ती मिली हें जिसके कारण वे खुलकर गहलोत की खिलाफत कर रहे हें कर्नल ने कहा हें की कोंग्रेस की राजनीती में जून माह में भूचाल आयेगा .चार जून को राजस्थान से जुड़े असंतुष्ट मामलो को लेकर कोंग्रेस हाई कमान ने दिल्ली में अहम् बैठक राखी हें जिसमे ख़ास फेसला होने की संभावना हें इसी दिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का राजनीती भविष्य तय होगा

बाहरी अभ्यर्थियों के साथ मारपीट में कई घायल

बाहरी अभ्यर्थियों के साथ मारपीट में कई घायल
बाड़मेर
तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में बाड़मेर जिले में ज्यादा पद होने से कई जिलों के अभ्यर्थियों ने बाड़मेर को परीक्षा के लिए चयन किया है। दो जून को होने वाली परीक्षा को लेकर बुधवार से ही अन्य जिलों के अभ्यर्थियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को शहर में कुछ धर्मशालाओं व सार्वजनिक स्थानों पर बाहरी जिलों के अभ्यर्थियों के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। जिससे इन अभ्यर्थियों में भय का माहौल व्याप्त हो गया और वापस अपने जिलों की ओर जाने का निर्णय ले रहे हैं।
अज्ञात युवकों ने की मारपीट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थानीय सेवा सदन धर्मशाला के आगे मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए करीब एक दर्जन युवकों ने बाहर से आए परीक्षार्थियों पर लाठियों व सरियों से हमला बोल दिया। हड़बड़ाहट में कुछ रेलवे की ओर भागे तो कुछ कहीं ओर, इन सबको दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। वहीं कुछ अन्य स्थानों पर भी बाहरी अभ्यर्थियों के साथ मारपीट करने के मामले सामने आए हैं। घटना के बाद सभी अभ्यर्थी वापिस अपने जिलों की ओर जाने लगे।
घटना के बाद पुलिस ने की धर्मशालाओं की जांच:मारपीट की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को राजकीय अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद शहर कोतवाल लूण सिंह भाटी ने मय पुलिस जाब्ता शहर के होटल, ढाबों व धर्मशालाओं की जांच कर किसी भी मामले की जानकारी तुरंत पुलिस को देने के निर्देश संचालकों को दिए। वहीं एहतियातन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।
श्रीगंगानगर के थे अभ्यर्थी
शाम को कालका एक्सप्रेस से श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों के कई अभ्यर्थी बाड़मेर पहुंचे, इसके बाद इन्होंने ठहरने के लिए शहर में होटल व धर्मशालाओं की ओर रूख किया। जानकारी के मुताबिक कृष्णलाल पुत्र हनुमान विश्नोई निवासी 65 एनपी (रायसिंहनगर) व नरेश कुमार पुत्र हरिसिंह निवासी हनुमानगढ़ को ज्यादा चोटें आई है। वहीं पूरणराम पुत्र किशनलाल निवासी सूरतगढ़, रविंद्र व जितेंद्र पुत्र ओमप्रकाश निवासी रायसिंहनगर, योगराज पुत्र मदनगोपाल निवासी 10 एनपी (रायसिंहनगर) को भी चोटें आई।
वर्ष 1998 में भी हुई थी मारपीट
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1998 में हुई जिला परिषद के माध्यम से होने वाली परीक्षा में भी बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों के साथ मारपीट के मामले घटित हुए थे। तब बड़ी तादाद में बाहरी अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह गए थे। इस बार भी बड़ी संख्या में बाहरी जिलों के बेरोजगारों ने शिक्षक बनने के लिए बाड़मेर का चयन किया है। द्वितीय स्तर के लिए राज्य में सर्वाधिक 58,028 आवेदन बाड़मेर में आए, इनमें से बाड़मेर के अभ्यर्थी मात्र पांच हजार ही है।

पत्नी वियोग में ट्रेन से कट दी जान

पत्नी वियोग में ट्रेन से कट दी जान
उदयपुर। शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में एक युवक ने पत्नी के पीहर जाने से आवेश में आकर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस सूत्रों के अनुसार विजय (३५) पुत्र मनोहरलाल वाधवानी निवासी मादड़ी पुरोहितान की पत्नी पिछले दिनों पीहर गई थी। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर वह नाराज चल रहा था। यह युवक अपने मामा की दुकान पर काम करता था। मंगलवार को दुकान की छुट्टी होने के कारण वह दुकान पर नहीं गया था। शाम को शराब का सेवन करने के बाद वह कॉटन मिल के पास रेलव क्रासिंग की ओर चला गया था। जहां पर उसने उदयपुर-इंदौर जाने वाली ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली थी। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची तथा पुलिस ने मृतक के पास पड़े मोबाईल फोन के माध्यम से मृतक की शिनाख्त कर मृतक के परिजनों को सूचना दी। बुधवार को सेवरे पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

Monday, 28 May 2012

बच्चे की गला रेत कर हत्या


बच्चे की गला रेत कर हत्या

समयपुर बादली में समीर (3) की गला रेत कर हत्या कर दी गई। रविवार को उसका शव एक खेत में पड़ा मिला। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि इसके कारणों का पता नहीं चला है।  
पुलिस के मुताबिक सिरसपुर निवासी मोबिन खान एक नर्सरी में माली का काम करता है और वहीं परिवार के साथ झुग्गी में रहता है। मोबिन ने बताया कि शनिवार को खाना खाने के बाद परिवार के सभी सदस्य सो गए। सुबह जागने पर उसका बेटा समीर गायब था। मोबिन ने अपने परिचितों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला। इसी दौरान किसी ने नर्सरी से दूर स्थित एक खेत बच्चे के शव पड़े होने की सूचना दी। परिजनों ने घटनास्थल पर शव की पहचान समीर के रूप में की। उसे गला रेतकर मारा गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को


'विरोधियों की हत्या करवा देते थे हम'


'विरोधियों की हत्या करवा देते थे हम'

सीपीएम नेता के बयान से केरल की राजनीति में उबाल तिरूवनंतपुरम। माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) नेता और इडुकी के जिला सचिव एमएन मणि ने शनिवार रात को एक खुलासा किया कि वे लोग अपने राजनैतिक विरोधियों की हत्या करवा देते थे। शनिवार की रात को एक पब्लिक मीटिंग के दौरान मणि ने यह विवादित बयान दिया। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि उनके बयान का सही मतलब नहीं निकाला गया है। सीपीएम नेता का बयान आते ही राजनीतिक दलों में उबाल आ गया है। कांग्रेस और भाजपा ने कहा कि मणि का बयान सीपीएम की हिंसा की राजनीति को दर्शाता है। गौरतलब है कि मणि का बयान ऐसा समय

पर आया है जब सीपीएम के कुछ कार्यकर्ताओं को बागी नेता और आरएमपी नेता टीपी चंद्रशेखऱ की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मुद्दे पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीपीएम को घेरा है। मोदी ने कहा कि सीपीएम का हिंसक चेहरा सामने आया है। एक नेता का इस तरह का बयान लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है। अब कहां गया नैशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन केरल में हमारे भी कार्यकर्ता मारे जा रहे हैं।
वहीं, केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने कानूनी कार्रवाई करने और जांच की बात कही है।

दर्दनाक मौत! गेहूं के ड्रम में मिले तीन बहनों के शव


दर्दनाक मौत! गेहूं के ड्रम में मिले तीन बहनों के शव
 

यहां से करीब दस किलोमीटर दूर ग्राम अमलेटा में तीन बालिकाओं की संदिग्ध मौत हो गई। ज्योति (12), महालक्ष्मी (8) तथा रानू (4) के शव रविवार सुबह उनकी नानी श्यामाबाई के यहां गेहूं के ड्रम में मिले।

पुलिस के अनुसार पिता परमानंद पांचाल और मां राजूबाई के मजदूरी पर चले जाने के बाद बालिकाएं शनिवार दोपहर 4 बजे नानी श्यामाबाई के यहां खेलने आई थीं। बालिकाओं को खाना परोसकर 4.30 बजे श्यामाबाई पास ही रहने वाली भतीजी रामकन्या के यहां चली गई। करीब डेढ़ घंटे बाद लौटी तो बालिकाएं घर में नहीं थीं। रात 8 बजे तक बालिकाएं नहीं मिलीं तो उन्हें ढूंढना शुरू किया। रात 2.30 बजे नामली थाने पर गुमशुदगी दर्ज करवाई।



रविवार सुबह श्यामाबाई ने आटा रखने के लिए गेहूं के ड्रम का ढक्कन खोला तो तीनों की लाश मिली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की शॉर्ट रिपोर्ट के मुताबिक बालिकाओं की मौत दम घुटने से हुई है। शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं।



सवालों के घेरे में दुर्घटना : बच्चियां ड्रम में कैसे पहुंचीं



कैसे समाएंगे तीन बच्चे : दुर्घटना सवाल खड़े करती है। ड्रम में गेहूं थे। उसमें खाली जगह इतनी नहीं थी कि तीनों बालिकाएं आसानी से समा जाएं। मृतका 12 वर्षीय ज्योति की ऊंचाई करीब साढ़े तीन फीट, महालक्ष्मी की करीब पौने तीन फीट और रानू की करीब ढाई फीट है। ड्रम की ऊंचाई 35 इंच (करीब 3 फीट) है। इसमें से 14 इंच तक गेहूं थे। 25 इंच व्यास के इस ड्रम में 21 इंच जगह थी। दो फीट से कम जगह में तीनों बालिकाएं कैसे समाई यह जांच का विषय है।



परिजन को शक नहीं : बालिकाओं के पिता परमानंद और नानी श्यामाबाई से भास्कर ने चर्चा की तो दोनों का कहना था किसी से दुश्मनी नहीं है। किसी पर शक नहीं कर सकते हैं।



बेहोश कर ड्रम में डालने की शंका



यह जांच का विषय है कि बालिकाएं ड्रम के अंदर तक पहुंचीं कैसे? इसी से तय होगा। यह हत्या है या दुर्घटना। बालिकाओं के शरीर पर किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं हैं। उन्हें बेहोश कर ड्रम में डालने की शंका में जांच के लिए विसरा भेजा है। जांच एसडीओपी पी.आर. बरसेना को सौंपी है। -डॉ. रमनसिंह सिकरवार, एसपी रतलाम



प्रेमी के साथ भागना चाहती थी प्रेमिका, करवा दी दूसरे की हत्या

प्रेमी के साथ भागना चाहती थी प्रेमिका, करवा दी दूसरे की हत्या

 एक युवक ने एक प्रेमिका के साथ रहने की खातिर दूसरी प्रेमिका को मारकर जला डाला। वारदात का षड्यंत्र उसकी पहली प्रेमिका ने ही रचा। दोनों वारदात करके फरार हो गए। इन्हें पुलिस ने गुजरात के वडोदरा से शनिवार को गिरफ्तार किया।
मामले की जांच कर रहे पुलिस उपाधीक्षक नितेश आर्य ने बताया कि 18 मई को सांडवा थाने में नोड़िया के मानाराम पुत्र केसराराम जाट ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 मई की रात उसकी पुत्री सीता को दहेज लोभियों ने जला डाला। इसका आरोप ससुर लिखमाराम, पति ओमप्रकाश व जेठ मनोज पर लगाया।
पुलिस जांच में पता चला कि सीता का जोगलसर निवासी नरसीराम पुत्र रतनाराम प्रजापत के साथ डेढ़ साल से संपर्क था। सीता और नरसीराम ने घर से फरार होकर साथ रहना तय किया। फरार होने के बाद पुलिस से बचने के लिए सीता ने नरसी को सलाह दी कि किसी अन्य महिला को ढाणी में लाकर उसे जला कर मार दें।
इससे परिजन व पुलिस सीता को मृत मान लेगी। इसके बाद नरसी ने बीदासर कस्बे की विवाहिता राजू देवी (30) पत्नी नारायणराम प्रजापत को फंसाया। छह महीने तक दोनों संपर्क में रहे। 17 मई को नरसी ने राजू देवी को अपने पास बुला लिया। इस संबंध में 20 मई को राजूदेवी के पिता ने छापर थाने में पुत्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। राजूदेवी की नरसी ने हत्या कर सीता के साथ मिलकर जला दिया। पुलिस ने मामले की गुत्थी तीनों की कॉल डिटेल से सुलझाई।

गेडाप गांव की ढाणी में ले गया। जहां पहले से मौजूद सीता के साथ मिलकर उन्होंने ढाणी के पास बने छप्पर समेत शव को जला दिया। मामले का खुलासा मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से हुआ। पुलिस ने सीता, नरसीराम और राजूदेवी के कॉल डिटेल की जांच की तो मामले का खुलासा होता चला गया।
के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। पता चला कि वारदात से पूर्व सीता की एक मोबाइल नंबर पर कई बार बात हुई है। उक्तनंबरों की जांच करने पर सिम नोखा तहसील के सोमलसर के नारायणराम के नाम जारी होना पाई गई। पुलिस ने नारायणराम से पूछताछ की।
उसने बताया कि उसकी यह सिम चार साल पहले खो गई। इसका उपयोग कौन कर रहा है वह नहीं जानता। पुलिस ने उक्त नंबरों की कॉल डिटेल पुन: खंगाली तो उसी नंबर से बीदासर की राजूदेवी व एक अन्य लड़की को भी कई बार कॉल किए गए थे। बाद में पुलिस ने उस अन्य लड़की से पूछताछ की।



उसने पुलिस को बताया कि गिरधारी नाम के युवक ने उसे यह नंबर दिए थे। पुलिस ने गिरधारी से पूछताछ की। पता चला कि यह नंबर जोगलसर गांव के नरसीराम प्रजापत के पास है। पुलिस ने उक्त नंबरों की लोकेशन ली। यह गुजरात के बड़ौदा शहर में होना पाया गया। कॉल डिटेल के आधार पर बढ़ रही पुलिस ने आखिरकार बड़ौदा में दबिश देकर वहां एक किराए के मकान में रह रहे नरसीराम व सीता को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।



Thursday, 24 May 2012

पेट्रोल बम फटने से जूनियर जर्नलिस्टों पर यह पड़ेगा असर..

पेट्रोल बम फटने से जूनियर जर्नलिस्टों पर यह पड़ेगा असर..
 

पेट्रोल लगभग अस्सी रुपये लीटर हो गया. सब चैनलों ने खबरें चलाई. खूब चलाई. देर रात तक पत्रकार पी2सी मारता हुआ कमोवेश हर चैनल पर नज़र आ रहा था. लेकिन क्या किसी मालिकान ने सोचा कि इस पेट्रोल का सबसे ज्यादा असर मीडिया पर ही पड़ेगा. क्योंकि आज की तिथि में जो पत्रकार लगभग 5000 रुपये के वेतन पर कार्यरत हैं सबसे ज्यादा दिक्कत उसको ही आती है. क्योंकि वो जैसे-तैसे 70 रुपये के भाव में गाड़ी चला रहा था, लेकिन एकदम अस्सी के पास तेल पहुँच जाने से सबसे ज्यादा चोट पत्रकार को ही लगी है. मार्केट में खबर है कि कांग्रेस जाने को है इसलिए अपनी औकात दिखा रही है. अब चर्चा यह है कि सरकार एलपीजी पर भी देने वाली सब्सिडी ख़त्‍म करने जा रही है, जिसके चलते सिलेंडर भी अब लगभग 800 में ही मिलेगा.

खैर, पब्लिक से यूं कहिये कि कांग्रेस ने कह दिया है कि हम तो डूबेंगे सनम तुम्हे भी ले डूबेंगे, जिसके चलते अगले 2 सालों में पेट्रोल 100 का आंकड़ा छू सकता है व और भी कई तरह की परेशानियां बढ़ सकती है. कांग्रेस का अंग्रेजी युवराज 5000 से ज्‍यादा का रीबाक का जूता पहनता है, लेकिन कई पत्रकारों को पांच हजार की तनख्वाह नहीं मिलती. काफी समय से यह देखा गया है कि एक आम आदमी भी झट से कह देता है कि मीडिया वाला दलाली कर लेता होगा लेकिन आज की तिथि में दलाली भी संभव नहीं है, क्योंकि हर वर्ग का अधिकारी भी समझ चुका है कि अब मीडिया की तव्वजो नहीं है. अगर एक अखबार नकरात्मक खबर दिखायेगा तो दूसरा सकरात्मक दिखाने के लिए तैयार है. बड़े दौर में आज भले ही राजीव शुक्ल, आलोक मेहता, प्रभु चावला जैसे पत्रकारों को दलालों की उपमा दे दी जाती है, लेकिन आज वह अपने बच्चों का लालन पालन करने में तो समर्थ हैं, पर शायद वह भी यह भूल गए हैं कि सरकार की गलत नीतियों के चलते 5000 की तनख्वाह वाला पत्रकार ख़त्‍म हो चला है. लेकिन उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता वो तो अपनी मस्ती रमे हैं. परन्तु महंगाई की यह मार पत्रकार पर बहुत नज़र आ रही है.

आज के दौर में सम्बन्ध बनाकर काम निकालना भी आसान नहीं हैं क्योंकि इस लाइन में वह भी ब्यूरोचीफ़ बने हुए घूम रहे हैं जो कि महज पांचवीं पास हैं व पत्रकारिता से उनका कोई सरोकार नहीं है. शायद यही कारण है कि पिछले 5 साल से इस लाइन में से कई ईमानदार पत्रकार पलायन कर गए व अब भी पलायन का दौर जारी हैं, जिसके चलते आज हर पुराना पत्रकार यही कहता हुआ नज़र आता है कि भाई इस लाइन में कुछ नहीं है. कारण है कि भडुए व दलाल इस लाइन में प्रवेश कर गए हैं जो कि मीडिया का नाम बदनाम करने पर आमादा हैं, जल्दी इमानदार पत्रकारों को इन दलाल व भडुए पत्रकारों के खिलाफ एक मुहिम चलानी होगी, तभी मीडिया लाइन में से इस गन्दगी का सफाया होगा.

कच्‍ची उम्र में ही 'सबकुछ' जानने की ललक


कच्‍ची उम्र में ही 'सबकुछ' जानने की ललक रिलेशनशिप
वैसे तो विपरीत सेक्‍स के प्रति आकर्षण एक सामान्‍य-सी बात है, पर मामला तब ज्‍यादा गंभीर हो जाता है, जब कई किशोर कच्‍ची उम्र में ही सबकुछ जान और पा लेने की चाहत रखने लगते हैं.

कम उम्र में व्‍यक्ति न तो शारीरिक रूप से और न ही मानसिक तौर पर संबंध कायम करने के लिए फिट हो पाता है. ऐसे में यह अभिभावकों की पूरी जिम्‍मेदारी है कि वे संतानों को इस बारे में उचित बातें बताएं.

वैसे, एक अध्‍ययन में बताया गया है कि अब लोग काफी छोटी अवस्‍था में ही काम-वासना भड़काने वाली सामग्री देखना शुरू कर देते हैं.

भारतीय मूल के मनोवैज्ञानिकों के एक अध्ययन में बताया गया है कि 11 से 13 साल की उम्र से ही लोग इंटरनेट पर अश्लील सामग्री देखना शुरू कर देते हैं.
एबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सिडनी विश्वविद्यालय के मेडिसिन विभाग में कार्यरत भारतीय मूल के मनोवैज्ञानिक राज सिथार्थन और उनकी पत्नी गोमाथी सिथार्थन ने 800 लोगों के बीच सर्वेक्षण किया.

सर्वेक्षण के अनुसार इंटरनेट पर अश्लील सामग्री देखने वाले लोगों में से 80 फीसदी पुरुष थे.

महिलाओं पर बरसा कांस्टेबल का कहर, घर में घुसकर मारपीट कर फाड़ दिए कपड़े!

महिलाओं पर बरसा कांस्टेबल का कहर, घर में घुसकर मारपीट कर फाड़ दिए कपड़े!
पाली/जोधपुर.सादड़ी थाना क्षेत्र के लालराई गांव में कांस्टेबल द्वारा एक परिवार की महिलाओं से बेरहमी से मारपीट तथा उनके कपड़े फाड़ बदसलूकी का मामला सामने आया है। आरोप है कि मारपीट के बाद आरोपी कांस्टेबल व उसके परिवार के लोग आए दिन पीडि़त परिवार को धमका रहे हैं। जिसके कारण वे लोग दहशतजदा परिवार घर से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं।

मंगलवार को पीडि़त पक्ष को लेकर समाज के लोग पाली पहुंचे और एसपी से मिल आप बीती सुनाई। उनका कहना था कि कांस्टेबल के इशारे पर उसके परिवार के लोग आए दिन उनको धमका रहे है, जिसके कारण वे गांव से पलायन करने को मजबूर है। आरोपी कांस्टेबल एएसपी कार्यालय बाली में तैनात है। एसपी केबी वंदना ने उसे वहां से हटा कर पुलिस लाइन में भेजा दिया, लेकिन वह घटना के बाद डयूटी पर नहीं पहुंचा है। एसपी ने आरोपी कांस्टेबल को गिर तार करने के लिए टीमें गठित की है।


यह है पूरा मामला

लालराई गांव का राजूसिंह राजपूत पेशे से कांस्टेबल है, जो एएसपी कार्यालय बाली में तैनात है। गांव में रहने वाले ओगडऱाम माली के परिवार से कांस्टेबल की किसी बात को लेकर विवाद चल रहा है। गत 19 मई की रात साढ़े आठ बजे आरोपी कांस्टेबल राजूसिंह राजपूत अपने गांव में ओगडऱाम माली के घर पहुंचा। आरोप है कि आरोपी ने घर पर मौजूद ओगडऱाम की पत्नी कमला देवी व उसकी दोनों पुत्रवधुओं से मारपीट की तथा उनके कपड़े फाड़ दिए।


महिलाओं की चीख पुकार सुन आसपास के लोग वहां पहुंचे तो आरोपी मौके से भाग गया। आरोप है कि कुछ देर बाद आरोपी अपने परिवार के लोगों के साथ फिर वहां पहुंचा और ओगडऱाम माली व उसके परिवार वालों को धमकाया। इस संबंध में ओगडऱाम की पत्नी ने सादड़ी थाने में कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन आरोपी परिवार को धमका रहे है। घटना 19 मई की है, जिसके बाद से पीडि़त परिवार घर से बाहर नहीं निकल रहे थे। 11 मई को समाज के लोग पीडि़त परिवार को लेकर एसपी के पास पहुंचे और सारी घटना बताई।

हवस के अंधे को 8 साल के बच्‍चे पर नहीं आई दया, किया कुकर्म

हवस के अंधे को 8 साल के बच्‍चे पर नहीं आई दया, किया कुकर्म.

शहर के समीप बेदला इलाके में 8 साल के बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौनाचार का मामला सामने आया है। बच्चा अपने घर की छत पर पतंग उड़ा रहा था तभी पतंग घर के पीछे बने बाड़े में चली गई। बच्चा यह पतंग उठाने गया था कि वहां पर गांव के ही एक युवक ने उसे धर दबोचा और उससे अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए।

कुछ देर तक बच्चा वहीं पड़ा कराहता रहा, स्थिति संभलने पर घर जाकर उसने परिजनों को पूरा मामला बताया।आमिर खान के शो सत्यमेव जयते में बाल यौन दुराचार का मामला उठाने पर अब लोग खुल कर अपने बच्चों को इस बारे में जानकारी दे रहे हैं और उन्हें सजग रहने को कह रहे हैं। लेकिन इन सब के बावजूद बच्चों के खिलाफ हो रहे इस तरह के अपराध के कई मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार बेदला के तेजसिंह सांखला के 8 साल के बेटे के साथ यह कुकृत्य किया गया है।

तेजसिंह ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि उसका बेटा छत पर पतंग उड़ा रहा था कि डोर टूटने पर पतंग लेने के लिए पास ही बाड़े में गया। इस दौरान वहां आरोपी विवेक पुत्र रमेश खटीक ने मासूम को रोक उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए। इस दौरान बच्चा चिल्लाया तो आरोपी भाग गया। परिवार को जब इस अपराध का पता चला तो वे आरोपी के घर शिकायत करने पहुंचे। इस पर आरोपी के रिश्तेदारों ने बच्चे के पिता व भाई से मारपीट की। पुलिस ने बच्चे का मेडिकल कराया है और आरोपी की तलाश कर रही है।

मां के कहने पर 13 वर्षीय बेटी का आरोप- अकेली देख पिता ने उतरवाए कपड़े!

मां के कहने पर 13 वर्षीय बेटी का आरोप- अकेली देख पिता ने उतरवाए कपड़े!  

पाली/जोधपुर.मां के बहकावे में आकर एक बेटी ने अपने सौतेली पिता पर यौन शोषण का आरोप लगा दिया लेकिन जब मामले की जांच की गई तो मामला कुछ और ही निकला। पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर हुए झगड़े से नाराज होकर एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी को आगे कर ऐसी झूठी कहानी गढ़ दी, जिसको सुन कर मानवता भी शर्मसार हो जाए। मां के कहने पर 13 साल की बच्ची ने कलेक्टर के सामने आरोप लगाया कि घर में अकेली देख पिता ने उसको कपड़े उतारने पर मजबूर किया। मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने जांच की तो घटना सफेद झूठ निकली।



जानकारी के अनुसार देवली गांव की एक महिला अपने दूसरे पति के साथ रहती है। पहली शादी से उसे 13 साल की एक पुत्री भी है, जो उसके साथ ही रहती है। यह महिला पाली में आकर कलेक्टर से मिली और परिवाद देकर आरोप लगाया कि उसका पति अकसर उसके साथ मारपीट करता है। अपनी पुत्री के साथ आई महिला ने आरोप लगाया कि 20 मई की रात को घर पर उसकी पुत्री अकेली थी। उस समय उसके पति ने उसके साथ बदसलूकी कर उसके कपड़े उतरवाएं। उसकी नाबालिग पुत्री ने भी यही बात कही।



कलेक्टर ने एसपी से मामले की जांच को कहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए। बालिका की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज कर मंगलवार की शाम को पुलिस दल जांच के लिए गांव में पहुंचा। देर रात तक पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े हर व्यक्ति के बयान लिए तो पता चला कि 20 मई की रात को पति-पत्नी में झगड़ा जरूर हुआ था। महिला पुलिसकर्मियों की मदद से बालिका से पूछताछ की गई तो उसने ऐसी किसी घटना से इंकार कर दिया।



बालिका ने यह भी बताया कि उसने अपनी मां के कहने पर ही उसने सौतेले पिता द्वारा सताए जाने की बात कही थी। पुलिस ने महिला से भी फिर पूछताछ की तो असलियत का पता चल गया। तब जाकर पूरे घटनाक्रम का पता चला। मारवाड़ जंक्शन एसएचओ देवेंद्र कच्छवाह ने बताया कि मामले की पूरी तरह जांच कर ली गई है, जिसमें यह खुलासा हुआ है कि पति-पत्नी के बीच हुए झगड़े में सबक सीखाने के लिए महिला ने ही इस तरह की झूठी कहानी गढ़ी थी।

सेक्स की एक सनसनी ने तबाह कर दिया कई नेताओं का भविष्य !


सेक्स की एक सनसनी ने तबाह कर दिया कई नेताओं का भविष्य !
 
राजस्थान के जोधपुर के उपखंड बिलाड़ा के एक उप स्वास्थ्य केंद्र में काम करने वाली एक एएनएम अचानक गायब हुई और धीरे-धीरे एक रहस्य बन गई,सारा पुलिस प्रशासन इसे ढूंढने में लग गया लेकिन सारे प्रयास बिफल रहे पुलिस उसे खोज पाना तो दूर उसके बारे कोई सुराग भी नहीं तलाश पाई, अंततः एक सितंबर को गायब हुई इस एएनएम ‘भंवरी देवी’ की जांच 14 सितंबर को सीबीआई को सौंप दी गई|

सीबीआई इस मामले में तीन महीने तक हाथ पैर मारती रही लेकिन भंवरी देवी का सुराग लगाने में नाकाम रही, इस बीच तमाम तरह की अफवाहों से माहौल गर्माता रहा लेकिन भंवरी कहां है और किस हाल में है यह जानकारी जुटाने में सीबीआई भी नाकाम रही जबकि इस मामले में आरोपियों शहबुद्दीन और सोहनलाल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी लेकिन पुलिस और सीबीआई दोनों ही उनसे मुंह ना खुलवा पाई|

इस दौरान जब सीबीआई को कुछ ऑडियो-वीडियो सीडी मिलीं तो मामला और गरमा गया, फिर सीबीआई के हाथ वह सीडी लगी जो भंवरी देवी और राजस्थान सरकार में मंत्री रहे महिपाल मदेरणा के अन्तरंग दृश्यों से भरपूर है जिसके मिलते ही माना जा रहा था कि अब भंवरी देवी के रहस्य से पर्दा उठ जायेगा लेकिन इससे सिर्फ राजनीतिक गतिविधियां ही तेज़ हुईं।

यहां तक कि राजस्थान सरकार का पूरा महकमा ही बदल गया।किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि एक एएनएम का अपहरण की आग की आंच सरकार को इस हद तक झुलसा देगी कि उसका पूरा का पूरा तंत्र ही हिल जायेगा।

सीबीआई लगातार अपनी जांच में लगी रही लेकिन किसी भी उपर्युक्त निर्णय तक नहीं पहुंच पाई आखिर हाईकोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई कि वो 24 नवंबर तक हर हाल में पता लगाए कि भंवरी देवी का क्या हुआ और वह कहां है,अंततः 24 नवंबर को सीबीआई ने बिना किसी सबूत के हाईकोर्ट को बताया कि भंवरी देवी की हत्या हो चुकी है।

3 दिसंबर को 42 पेज की एक चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की, जिसमे पूर्व मंत्री महिपाल सिंह मदेरणा, लूणी विधायक मलखान सिंह के भाई परसराम विश्नोई और सही राम को भंवरी देवी की हत्या की साजिश में शामिल होना बताया|
इसके बाद सीबीआई ने महिपाल मदेरणा को गिरफ्त में ले लिया और ज़ल्द ही तीन और आरोपियों सोहनलाल,शहबुद्धीन और बलदेव राम के खिलाफ भी चार्ज शीट दाखिल की| पूर्व मंत्री मदेरणा की गिरफ़्तारी के बाद तो जैसे इस मामले की परतों पर परतें खुलती गईं और जहां सीबीआई भंवरी मामले में सबूत तलाश कर रही थी वहीँ भंवरी देवी का पति अमरचंद भी सलाखों के पीछे पहुंच गया, और चौंकाने वाले खुलासे सामने आये।

सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि लूणी विधायक मलखान सिंह विश्नोई के सम्बन्ध भी भंवरी देवी से रहे हैं और भंवरी देवी की छोटी बेटी अमरचंद की ना होकर मलखान सिंह की है, और इसके बाद सीबीआई मलखान सिंह की तलाश में लग गई और काफी मशक्कतों के बाद सीबीआई ने उसे फंदे में ले ही लिया,और मलखान ने भी यह बात स्वीकार कर ली कि हां उसके भंवरी देवी से पुराने सम्बन्ध थे! इस प्रकार भंवरी मामला सिर्फ राजस्थान ही नहीं अपितु पूरे देश में एक रहस्मयी कहानी की तरह जारी रहा, जिसमे हर मोड़ पर एक नया राज खुल रहा है और सियासत के मोहरे चित होते गए!

लव, सेक्‍स, एमएमएस और लड़की की जिंदगी बर्बाद


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हाईस्‍क‍ूल की एक छात्रा ने एक युवक को अपना सबकुछ सौंप दिया। वह उससे इस कदर प्‍यार करती थी कि हर वो कुछ करती गई जो उस युवक ने कहा। मगर कच्‍ची उम्र के इस प्‍यार ने छात्रा की जिंदगी तबाह कर दी। उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिससे वो प्‍यार करती है और अपना सबकुछ सौंप रही है वह उसकी जिंदगी नरक बना देगा और उसे समाज में कहीं मुं‍ह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ेगा।

प्‍यार में धोखे की यह कहानी मुरादाबाद के भोजपुर की है। दरअसल सोमवार को कुछ युवकों ने मोबाइल पर एमएमएस देखा जो उसी कस्‍बे की निवासी एक छात्रा का था। इस एमएमएस में वह छात्रा अपने प्रेमी संग आपत्तिजनक स्थिति में थी। एमएमएस देखते देखते कस्‍बे के घर घर पहुंच गया। इस एमएमएस में युवती का चेहरा साफ है मगर युवक का चेहरा साफ नहीं है।

आखिरकार मामला छात्रा के घरवालों तक पहुंच गया। घरवालों ने पूछा तो छात्रा ने मोहल्ले के ही नईम पुत्र अब्दुल रहमान का नाम लिया। उसने बताया नईम ने उसे बहला फुसला कर प‌िछले दिनों उसके साथ संबंध बनाए थे। नईम ने अपने दोस्त रिजवान पुत्र रईस अहमद के साथ मिलकर उसकी क्लिपिंग भी बना ली थी। जो बाद में इंटरनेट पर डाल दिया था।

पूरा मामला जानने के बाद छात्रा के घरवाले युवक के घर पहुंचे और दोनों के शादी की बात की गई। पंचायत को भी बुलाया गया और छात्रा के घर वालों ने निकाह की मांग रखी। लेकिन लड़के के घर वालों ने निकाह से मना कर दिया। बाद में तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस की मानें तो मुख्‍य आरोपी तो फरार है मगर अपनी आईडी से इस एमएमएस को इंटरनेट पर डालने वाले दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सात समंदर पार तक मची है इस एमएमएस की सनसनी

भोजपुर की वेश्या के नाम से इंटरनेट पर डाउनलोड की गई अश्लील क्लीपिंग ने देश में ही नहीं विदेशों में ही तहलका मचा दिया है। महज डेढ़ माह में सात समंदर पार तक इस ब्लू फिल्म ने सनसनी मचा दी। अलबत्ता तीनों क्लीपिंग में छात्रा का चेहरा दिखाई देता है मगर छात्र का नहीं। इस तरह से फिल्म बनाई गई है कि छात्र का चेहरा छिपा लिया गया है। दरअसल, छात्रा और तीनों आरोपी छात्र अच्छे परिवारों से ताल्लुकात रखते हैं।

छात्रा के पिता बक्से और आलमारी निर्माण का कारखाना चलाते हैं। उनका भोजपुर कस्बे में ही इसका शोरूम भी है। आरोपी नईम के पिता सराफा व्यवसायी हैं तथा इंटर के छात्र शमीम के पिता जाने-माने हकीम हैं। छात्रा, नईम, शमीम और रिजवान के कई रिश्तेदार सऊदी अरब, दुबई, सुमात्रा, कनाडा, अमेरिका के कई शहरों में रहते हैं। उत्तर भारत में कबाड़ की सबसे बड़ी मंडी भोजपुर के भी दर्जनों लोग अमेरिका, यूरोप और अरब देशों में रहते हैं तथा कई लोगों को इन देशों में आना-जाना है।

कनाडा में रहने वाले एक परिवार के लोगों ने अपने रिश्तेदार को दुबई में फोन कर इस क्लीपिंग के बारे में जानकारी दी थी तो दुबई से छात्रा के घरवालों को सूचना दी गई। इसके बाद पूरे मामले का पटाक्षेप हुआ। बताते हैं कि विदेश में रहने वाले वेस्ट यूपी के विभिन्न शहरों के लोगों को जब मुरादाबाद के भोजपुर की इस क्लीपिंग के बारे में पता चला तो उनमें उत्सुकता बढ़ गई जिस वजह से इसकी डिमांड बढ़ी। हालांकि भोजपुर और इसके आसपास के इलाकों, बाजारों, कस्बों में यह क्लीपिंग काफी पहले ही आम हो चुकी थी। ज्यादातर युवाओं के मोबाइल पर यह क्लीपिंग पहुंच गई थी।