प्रेमी के साथ भागना चाहती थी प्रेमिका, करवा दी दूसरे की हत्या 
एक युवक ने एक प्रेमिका के साथ रहने की खातिर दूसरी प्रेमिका को मारकर जला डाला। वारदात का षड्यंत्र उसकी पहली प्रेमिका ने ही रचा। दोनों वारदात करके फरार हो गए। इन्हें पुलिस ने गुजरात के वडोदरा से शनिवार को गिरफ्तार किया।
मामले की जांच कर रहे पुलिस उपाधीक्षक नितेश आर्य ने बताया कि 18 मई को सांडवा थाने में नोड़िया के मानाराम पुत्र केसराराम जाट ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 मई की रात उसकी पुत्री सीता को दहेज लोभियों ने जला डाला। इसका आरोप ससुर लिखमाराम, पति ओमप्रकाश व जेठ मनोज पर लगाया।
पुलिस जांच में पता चला कि सीता का जोगलसर निवासी नरसीराम पुत्र रतनाराम प्रजापत के साथ डेढ़ साल से संपर्क था। सीता और नरसीराम ने घर से फरार होकर साथ रहना तय किया। फरार होने के बाद पुलिस से बचने के लिए सीता ने नरसी को सलाह दी कि किसी अन्य महिला को ढाणी में लाकर उसे जला कर मार दें।
इससे परिजन व पुलिस सीता को मृत मान लेगी। इसके बाद नरसी ने बीदासर कस्बे की विवाहिता राजू देवी (30) पत्नी नारायणराम प्रजापत को फंसाया। छह महीने तक दोनों संपर्क में रहे। 17 मई को नरसी ने राजू देवी को अपने पास बुला लिया। इस संबंध में 20 मई को राजूदेवी के पिता ने छापर थाने में पुत्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। राजूदेवी की नरसी ने हत्या कर सीता के साथ मिलकर जला दिया। पुलिस ने मामले की गुत्थी तीनों की कॉल डिटेल से सुलझाई।
गेडाप गांव की ढाणी में ले गया। जहां पहले से मौजूद सीता के साथ मिलकर उन्होंने ढाणी के पास बने छप्पर समेत शव को जला दिया। मामले का खुलासा मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से हुआ। पुलिस ने सीता, नरसीराम और राजूदेवी के कॉल डिटेल की जांच की तो मामले का खुलासा होता चला गया।
के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। पता चला कि वारदात से पूर्व सीता की एक मोबाइल नंबर पर कई बार बात हुई है। उक्तनंबरों की जांच करने पर सिम नोखा तहसील के सोमलसर के नारायणराम के नाम जारी होना पाई गई। पुलिस ने नारायणराम से पूछताछ की।
उसने बताया कि उसकी यह सिम चार साल पहले खो गई। इसका उपयोग कौन कर रहा है वह नहीं जानता। पुलिस ने उक्त नंबरों की कॉल डिटेल पुन: खंगाली तो उसी नंबर से बीदासर की राजूदेवी व एक अन्य लड़की को भी कई बार कॉल किए गए थे। बाद में पुलिस ने उस अन्य लड़की से पूछताछ की।
उसने पुलिस को बताया कि गिरधारी नाम के युवक ने उसे यह नंबर दिए थे। पुलिस ने गिरधारी से पूछताछ की। पता चला कि यह नंबर जोगलसर गांव के नरसीराम प्रजापत के पास है। पुलिस ने उक्त नंबरों की लोकेशन ली। यह गुजरात के बड़ौदा शहर में होना पाया गया। कॉल डिटेल के आधार पर बढ़ रही पुलिस ने आखिरकार बड़ौदा में दबिश देकर वहां एक किराए के मकान में रह रहे नरसीराम व सीता को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मामले की जांच कर रहे पुलिस उपाधीक्षक नितेश आर्य ने बताया कि 18 मई को सांडवा थाने में नोड़िया के मानाराम पुत्र केसराराम जाट ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 मई की रात उसकी पुत्री सीता को दहेज लोभियों ने जला डाला। इसका आरोप ससुर लिखमाराम, पति ओमप्रकाश व जेठ मनोज पर लगाया।
पुलिस जांच में पता चला कि सीता का जोगलसर निवासी नरसीराम पुत्र रतनाराम प्रजापत के साथ डेढ़ साल से संपर्क था। सीता और नरसीराम ने घर से फरार होकर साथ रहना तय किया। फरार होने के बाद पुलिस से बचने के लिए सीता ने नरसी को सलाह दी कि किसी अन्य महिला को ढाणी में लाकर उसे जला कर मार दें।
इससे परिजन व पुलिस सीता को मृत मान लेगी। इसके बाद नरसी ने बीदासर कस्बे की विवाहिता राजू देवी (30) पत्नी नारायणराम प्रजापत को फंसाया। छह महीने तक दोनों संपर्क में रहे। 17 मई को नरसी ने राजू देवी को अपने पास बुला लिया। इस संबंध में 20 मई को राजूदेवी के पिता ने छापर थाने में पुत्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। राजूदेवी की नरसी ने हत्या कर सीता के साथ मिलकर जला दिया। पुलिस ने मामले की गुत्थी तीनों की कॉल डिटेल से सुलझाई।
गेडाप गांव की ढाणी में ले गया। जहां पहले से मौजूद सीता के साथ मिलकर उन्होंने ढाणी के पास बने छप्पर समेत शव को जला दिया। मामले का खुलासा मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से हुआ। पुलिस ने सीता, नरसीराम और राजूदेवी के कॉल डिटेल की जांच की तो मामले का खुलासा होता चला गया।
के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। पता चला कि वारदात से पूर्व सीता की एक मोबाइल नंबर पर कई बार बात हुई है। उक्तनंबरों की जांच करने पर सिम नोखा तहसील के सोमलसर के नारायणराम के नाम जारी होना पाई गई। पुलिस ने नारायणराम से पूछताछ की।
उसने बताया कि उसकी यह सिम चार साल पहले खो गई। इसका उपयोग कौन कर रहा है वह नहीं जानता। पुलिस ने उक्त नंबरों की कॉल डिटेल पुन: खंगाली तो उसी नंबर से बीदासर की राजूदेवी व एक अन्य लड़की को भी कई बार कॉल किए गए थे। बाद में पुलिस ने उस अन्य लड़की से पूछताछ की।
उसने पुलिस को बताया कि गिरधारी नाम के युवक ने उसे यह नंबर दिए थे। पुलिस ने गिरधारी से पूछताछ की। पता चला कि यह नंबर जोगलसर गांव के नरसीराम प्रजापत के पास है। पुलिस ने उक्त नंबरों की लोकेशन ली। यह गुजरात के बड़ौदा शहर में होना पाया गया। कॉल डिटेल के आधार पर बढ़ रही पुलिस ने आखिरकार बड़ौदा में दबिश देकर वहां एक किराए के मकान में रह रहे नरसीराम व सीता को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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