पेट्रोल की कीमत में लगी आग, 7.50 रुपए का इजाफा
डॉलर के मुकाबले रुपये में तेजी से आ रही गिरावट के कारण सरकार ने पेट्रोल के दाम में भारी बढोतरी की है। पेट्रोल के दाम में 7.50 रुपए का इजाफा किया गया है। बढ़े हुए दाम आज आधी रात से लागू होंगे। दाम बढ़ने से पेट्रोल अब कोलकाता में 77.53 रुपए प्रति लीटर, दिल्ली में 73.14 रुपए प्रति लीटर और मुंबई में 78.16 रुपए प्रति लीटर हो गया है।
इससे पहले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा था कि रुपये में तेजी से आ रही गिरावट के कारण तेल कंपनियों का आयात खर्च बेहिसाब रफ्तार से बढ़ा है। इसलिए एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के दामों में तत्काल बढ़ोतरी जरूरी हो गई है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने पेट्रोल के दामों पर से जून 2010 में नियंत्रण हटा दिया था। इसके बावजूद पेट्रोल के दाम नवंबर-2011 के बाद से नहीं बढ़ाए गए हैं। डीजल, एलपीजी और केरोसिन के दामों में पिछले साल जून में बढ़ोतरी की गई थी।
रेड्डी का कहना था कि अगर डालर के मुकाबले रुपया 100 पैसे कमजोर होता है तो तेल कंपनियों को घाटा 8000 रुपये प्रति वर्ष तक बढ़ जाता है। डॉलर पिछले साल 46 रुपये का था और अब 55 का है। मंत्री ने कहा कि इससे कंपनियों का कुल घाटा 75000 करोड़ रुपये तक चला गया है।
डॉलर के मुकाबले रुपये में तेजी से आ रही गिरावट के कारण सरकार ने पेट्रोल के दाम में भारी बढोतरी की है। पेट्रोल के दाम में 7.50 रुपए का इजाफा किया गया है। बढ़े हुए दाम आज आधी रात से लागू होंगे। दाम बढ़ने से पेट्रोल अब कोलकाता में 77.53 रुपए प्रति लीटर, दिल्ली में 73.14 रुपए प्रति लीटर और मुंबई में 78.16 रुपए प्रति लीटर हो गया है।
इससे पहले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा था कि रुपये में तेजी से आ रही गिरावट के कारण तेल कंपनियों का आयात खर्च बेहिसाब रफ्तार से बढ़ा है। इसलिए एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के दामों में तत्काल बढ़ोतरी जरूरी हो गई है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने पेट्रोल के दामों पर से जून 2010 में नियंत्रण हटा दिया था। इसके बावजूद पेट्रोल के दाम नवंबर-2011 के बाद से नहीं बढ़ाए गए हैं। डीजल, एलपीजी और केरोसिन के दामों में पिछले साल जून में बढ़ोतरी की गई थी।
रेड्डी का कहना था कि अगर डालर के मुकाबले रुपया 100 पैसे कमजोर होता है तो तेल कंपनियों को घाटा 8000 रुपये प्रति वर्ष तक बढ़ जाता है। डॉलर पिछले साल 46 रुपये का था और अब 55 का है। मंत्री ने कहा कि इससे कंपनियों का कुल घाटा 75000 करोड़ रुपये तक चला गया है।
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