कितनी सच्चाई है निर्मल बाबा और उनके चमत्कारों में !!
यूं तो देशभर में ऐसे कई साधु-संत हैं जो लाचार और असहाय लोगों की मदद करने का दावा करते हैं. लेकिन आजकल जिन बाबा ने इन सभी मददगारों को पीछे छोड़ दिया है वह हैं निर्मल बाबा. “थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा” सरीखे कार्यक्रमों में नजर आने वाले यह बाबा अपने अजीबोगरीब उपायों से दूसरे व्यक्तियों की समस्याएं सुलझाने का दावा करते हैं. वैसे तो उनका और आरोपों का साथ दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है लेकिन हाल ही में उन पर जो गंभीर आरोप लगाए गए हैं उनसे पार पाने के लिए शायद अब बाबा को अपने ही नुस्खे अपनाने पड़ेंगे.
बाबा पर यह आरोप लगाए गए हैं कि वह पैसे देकर अन्य लोगों से अपना महिमा मंडन करवाते हैं.अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति का कहना है कि निर्मल बाबा दैविक शक्ति का दावा करके लोगों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं. इस समिति के कार्याध्यक्ष उमेश चौबे व हरीश देशमुख ने बाबा पर यह आरोप लगाया है कि निर्मल बाबा जिस दैविक शक्ति का दावा करते हैं वह पूर्णत: खोखला और निराधार है. वह केवल धार्मिक प्रवृत्ति के कट्टरपंथी लोगों को गुमराह कर सकते हैं. समिति के लोगों का यह भी कहना है कि बाबा टी.वी पर नकली भक्तों को बैठाकर अपनी वाहवाही करवाते हैं. समिति ने केन्द्र सरकार से टीवी चैनलों पर आने वाले बाबा से जुड़े विज्ञापनों पर पाबंदी लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि बाबा के पास वास्तव में चमत्कारिक शक्तियां हैं, तो वह अपनी शक्तियों के बल पर एक पापड़ भी तोड़ कर दिखा दें तो समिति उन्हें 15 लाख रु. इनाम देगी.
लोगों की शिकायत है कि चैनलों में निर्मल बाबा को ईश्वर का अवतार व दुखों का हरण करने वाले बाबा के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए बाबा उन्हें समोसा खाने, महंगे जूते पहनने, महंगा पर्स जेब में रखने और नोटों की गड्डी तिजोरी में रखने जैसे सुझाव देते हैं. उनके लगभग सभी उपाय पूर्ण रूप से खोखले हैं जिनसे लोगों में अंधविश्वास की भावना पनपती है.वहीं दूसरी ओर कई टीवी धारावाहिकों में काम कर चुकी जूनियर आर्टिस्ट निधि का भी यही कहना है कि निर्मल बाबा अपने प्रारंभिक दिनों में ठगी का धंधा चमकाने के लिए नोएडा की फिल्म सिटीस्थित एक स्टूडियो में अपने प्रोग्राम की शूटिंग करवाते थे. उसमें बाबा के सामने जो लोग अपनी समस्या हल होने का दावा करते थे, वे लोग जूनियर आर्टिस्ट हुआ करते थे. निधि ने बताया कि उन जूनियर आर्टिस्टों की लिस्ट में उसका भी नाम था. निधि का कहना है कि निर्मल बाबा सवाल पूछने के लिये उसे 10 हजार रुपये देते थे.
क्या आप लोगों को भी यह लगता है कि निर्मल बाबा के पास सच में कोई दैविक शक्ति है या फिर वह मात्र भोले-भाले लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने और लोकप्रिय होने के लिए यह सब करते हैं ??
क्या आप लोगों को भी यह लगता है कि निर्मल बाबा के पास सच में कोई दैविक शक्ति है या फिर वह मात्र भोले-भाले लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने और लोकप्रिय होने के लिए यह सब करते हैं ??
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