रेखा ने जिसे परमेश्वर माना उसकी एक हरकत से मच गई सनसनी
सोमवार सुबह करीब नौ बजे गुड़गांव-झाड़सा मार्ग पर कीर्तिनगर कॉलोनी की सड़क से दिन दहाड़े स्कॉर्पियो और क्वालिस कार से आए आधा दर्जन लोगों ने एक महिला का अपहरण कर लिया। सरेराह हुई अपहरण की वारदात से शहर में सनसनी फैल गई।
महिला की चीख सुन आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो अपहरणकर्ता क्वालिस कार में चाभी लगी छोड़कर स्कॉर्पियो से भाग निकले। देर शाम पुलिस ने महिला को बरामद कर लिया। उसका अपहरण उसके ही पति ने किया था। पुलिस फिलहाल महिला से पूछताछ कर रही है।
कीर्तिनगर कॉलोनी में ओम प्रकाश के मकान में रेखा उर्फ पूजा एवं उसका पति यशपाल 29 अप्रैल को किराए पर रहने के लिए आए। ओम प्रकाश की पत्नी माया ने बताया कि सोमवार की सुबह साढ़े सात बजे के करीब रोज की तरह रेखा उर्फ पूजा का पति यशपाल अपने काम पर चला गया। 9 बजे के करीब रेखा भी अपने इंस्टीट्यूट पर जाने के लिए रवाना हुई।
अचानक गली में शोर हुआ और लोगों ने बताया कि उसका अपहरण हो गया। आरएमएस स्कूल में चपरासी के रूप में कार्यरत रूपम कुमार ने बताया कि जिस वक्त पूजा का अपहरण हुआ वह उसके पीछे ही चल रहा था। गाड़ियों से आए आधा दर्जन लोगों ने उसे जबरन गाड़ी में डाल लिया। कीर्तिनगर आरडब्ल्यूए प्रधान सुनील यादव ने पुलिस कंट्रोल को फोन किया। फिलहाल पुलिस ने युवकों द्वारा छोड़ी गई गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया।
उधर, पुलिस ने अपहरण के बाद रेखा के मोबाइल नंबर और बरामद की गई क्वालिस कार के नंबर के आधार पर तफ्तीश शुरू की।तफ्तीश के दौरान ही पुलिस रेखा के ससुराल ग्राम पंचायत घतौड़ पलवल पहुंची।रेखा का मायका बल्लभगढ़ है।
तफ्तीश में पता चला कि रेखा के पति ने ही उसका अपहरण किया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि पूजा उर्फ रेखा का विवाह चार साल पहले हुआ था। पति मुरारीलाल से झगड़ा होने पर वह गुड़गांव आकर रहने लगी।
उसने मकान मालिक को अपना नाम रेखा बताया जबकि उसका असली नाम पूजा है।उसके साथ यशपाल नाम का युवक रहता था जिसे वह अपना पति बताती थी। सोमवार सुबह मुरारी लाल ने ही पूजा का अपहरण किया। अब बड़ा सवाल है कि आखिर यशपाल कौन है? एसीपी सिटी नरेंद्र कादियान ने बताया कि मामले की तफ्तीश होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। देर शाम पुलिस रेखा उर्फ पूजा से पूछताछ कर रही थी।
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