खनन बंद तो कारखाने चालू कैसे?
बाड़मेर। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तरलाई वायुसेना क्षेत्र के इर्दगिर्द जिप्सम के खनन पर पूर्ण पाबंदी का दावा प्रशासन एवं खनिज महकमे द्वारा किया जा रहा है, लेकिन लखटकिया सवाल यह है कि जब खनन बंद है तो जिप्सम आधारित सौ से ज्यादा कारखाने निरंतर चालू कैसे है? इनमे आने वाली जिप्सम किसी भी सूरत में वैध नहीं है क्योंकि बाड़मेर में जिप्सम खनन की एक भी लीज मौजूदा समय में नहीं है।
उत्तरलाई के इर्दगिर्द जिप्सम का अवैध खनन होने से वायुसेना स्टेशन को खतरा हो गया है। तीन तरफ से जमीन को खोद लिया गया है। वायुसेना ने बार बार यह शिकायत प्रशासन और उच्चाधिकारियों की है कि इन गड्ढों में कोई अवांछित और अराष्ट्रवादी तत्व घुस गया तो सुरक्षा को खतरा हो सकता है। बावजूद इसके खनन महकमा कार्यवाही नहीं कर रहा है।
राज्य सरकार, केन्द्र सरकार और रक्षा मंत्रालय के कड़े आदेश के बाद फौरी तौर पर होमगार्ड के जवान नियुक्त करने और कुछ ट्रोली जिप्सम पकड़कर जता दिया गया है कि अब सख्ती हो रही है। जबकि ऎसा नहीं हो रहा है। उत्तरलाई के इर्द गिर्द सौ से ज्यादा कारखाने निरंतर संचालित हो रहे हैं। इन कारखानों में प्रतिदिन सैकड़ों टन जिप्सम पहुंच रही है,जो यहीं से खुदी हुई है। यह जिप्सम कारखाने कहां से ला रहे हंै इसको लेकर सवाल नहीं उठाया जा रहा है।
एक भी नहीं लीज
बाड़मेर जिले में जिप्सम की मौजूदा समय में एक भी लीज नहीं है। ऎसे में जिले में जिप्सम का खनन होने का सवाल ही नहीं उठता। बिना लीज के प्रतिदिन सैकड़ों टन जिप्सम की इन कारखानों में हो रही आपूर्ति ही सवाल खड़ा कर रही है कि यह कार्य अनवरत जारी है।
तारबंदी के पास कारखाना
वायुसेना ने तारबंदी के एकदम पास कारखाने होने की जानकारी दी है। जहां जिप्सम पहुंच रही है।
तारबंदी के पास तो औद्योगिक क्षेत्र भी नहीं है। दरअसल तारबंदी के निकट हो रही खनन के लिए परिवहन का खर्चा ज्यादा नहीं आए और सबसे पहले यह अवैध जिप्सम इनके कारखानों तक पहुंचे इसलिए ये कारखाने खोले गए है।
कार्रवाई करेंगे
यह ठीक बात है कि जब लीज नहीं है तो जिप्सम कहां से आ रही है। खनन माफिया के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
सी आर देवासी
उपखण्ड अधिकारी, बाड़मेर
बाड़मेर। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तरलाई वायुसेना क्षेत्र के इर्दगिर्द जिप्सम के खनन पर पूर्ण पाबंदी का दावा प्रशासन एवं खनिज महकमे द्वारा किया जा रहा है, लेकिन लखटकिया सवाल यह है कि जब खनन बंद है तो जिप्सम आधारित सौ से ज्यादा कारखाने निरंतर चालू कैसे है? इनमे आने वाली जिप्सम किसी भी सूरत में वैध नहीं है क्योंकि बाड़मेर में जिप्सम खनन की एक भी लीज मौजूदा समय में नहीं है।
उत्तरलाई के इर्दगिर्द जिप्सम का अवैध खनन होने से वायुसेना स्टेशन को खतरा हो गया है। तीन तरफ से जमीन को खोद लिया गया है। वायुसेना ने बार बार यह शिकायत प्रशासन और उच्चाधिकारियों की है कि इन गड्ढों में कोई अवांछित और अराष्ट्रवादी तत्व घुस गया तो सुरक्षा को खतरा हो सकता है। बावजूद इसके खनन महकमा कार्यवाही नहीं कर रहा है।
राज्य सरकार, केन्द्र सरकार और रक्षा मंत्रालय के कड़े आदेश के बाद फौरी तौर पर होमगार्ड के जवान नियुक्त करने और कुछ ट्रोली जिप्सम पकड़कर जता दिया गया है कि अब सख्ती हो रही है। जबकि ऎसा नहीं हो रहा है। उत्तरलाई के इर्द गिर्द सौ से ज्यादा कारखाने निरंतर संचालित हो रहे हैं। इन कारखानों में प्रतिदिन सैकड़ों टन जिप्सम पहुंच रही है,जो यहीं से खुदी हुई है। यह जिप्सम कारखाने कहां से ला रहे हंै इसको लेकर सवाल नहीं उठाया जा रहा है।
एक भी नहीं लीज
बाड़मेर जिले में जिप्सम की मौजूदा समय में एक भी लीज नहीं है। ऎसे में जिले में जिप्सम का खनन होने का सवाल ही नहीं उठता। बिना लीज के प्रतिदिन सैकड़ों टन जिप्सम की इन कारखानों में हो रही आपूर्ति ही सवाल खड़ा कर रही है कि यह कार्य अनवरत जारी है।
तारबंदी के पास कारखाना
वायुसेना ने तारबंदी के एकदम पास कारखाने होने की जानकारी दी है। जहां जिप्सम पहुंच रही है।
तारबंदी के पास तो औद्योगिक क्षेत्र भी नहीं है। दरअसल तारबंदी के निकट हो रही खनन के लिए परिवहन का खर्चा ज्यादा नहीं आए और सबसे पहले यह अवैध जिप्सम इनके कारखानों तक पहुंचे इसलिए ये कारखाने खोले गए है।
कार्रवाई करेंगे
यह ठीक बात है कि जब लीज नहीं है तो जिप्सम कहां से आ रही है। खनन माफिया के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
सी आर देवासी
उपखण्ड अधिकारी, बाड़मेर
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