पेड न्यूज़ (बिकाऊ) बना देने वालों को हमारी ये वेबसाईट जवाब देगी । खबर कोई वस्तु नहीं जिसके दाम लगे और जहाँ दाम तय हो जाते हैं, वहाँ से ‘दम’ चला जाता है । हम ढाई दशकों की अपनी पत्रकारिता में ‘बेईमानी-सेटिंग’ के दाग से बचते रहे हैं, आगे भी बचने की सौगंध उठाते हैं, हम राष्ट्रहित के आगे ‘स्वहित’ का बलिदान करने को तत्पर है ।
Wednesday, 23 May 2012
मगर अब भी ‘प्रेस’ गुलाम है
पेड न्यूज़ (बिकाऊ) बना देने वालों को हमारी ये वेबसाईट जवाब देगी । खबर कोई वस्तु नहीं जिसके दाम लगे और जहाँ दाम तय हो जाते हैं, वहाँ से ‘दम’ चला जाता है । हम ढाई दशकों की अपनी पत्रकारिता में ‘बेईमानी-सेटिंग’ के दाग से बचते रहे हैं, आगे भी बचने की सौगंध उठाते हैं, हम राष्ट्रहित के आगे ‘स्वहित’ का बलिदान करने को तत्पर है ।
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