Monday, 21 May 2012

शादी से पहले सेक्‍स को लेकर बदल रहा है मुस्लिम महिलाओं का नजरिया


शादी से पहले सेक्‍स को लेकर बदल रहा है मुस्लिम महिलाओं का नजरिया

अगर आप सोचते हैं कि सभी अच्छी मुस्लिम महिलाएं सेक्स के लिए शादी का इंतजार करती हैं तो आपको दोबारा सोचने की जरूरत है।

अमेरिका में सुर्खियां बटोर रही 'लव इंशाल्लाह' नाम की किताब मुस्लिम समाज में महिलाओं के बरक्स सेक्स को लेकर कई धारणाओं को तोड़ रही है। इस किताब में 25 मुस्लिम महिलाओं ने अपनी कहानी बयां की है। किताब में अपना तजुर्बा बताने वाली सैन फ्रांसिस्को बे एरिया इंसिया अंसारी ने कहा, 'मेरी शादी नहीं हुई है लेकिन मैं अपना कौमार्य खो चुकी हूं। मैंने यह साफ-साफ और जोर से कहा है।' कॉमेडियन और ईरानी मूल के माता-पिता की बेटी जाहरा नूरबक्श ने अपने निजी रिश्तों पर बड़ी साफगोई से कहा, 'मैं न तो शादीशुदा थी और न ही मेरी सगाई हुई थी और न ही मेरा कोई एक खास रिश्ता था।'

एक महिला के साथ महज 18 साल की उम्र में यौन संबंध बना चुकीं नजवा सोल ने कहा, 'ओह, मैं अपने आप से कहती हूं, ज़्यादातर लोगों के लिए सेक्स ऐसा ही होता है।' अमेरिकी मुस्लिम महिलाओं के सेक्स जीवन पर आधारित इस किताब को दो मुस्लिम महिलाओं-आयशा मट्टू और नूरा मजनवी ने संपादित किया है। जिसे सॉफ्ट स्कल प्रेस ने 24 जनवरी को रिलीज किया था। मट्टू और नूरा ने जब सोशल मीडिया और इंटरनेट पर मुस्लिम महिलाओं से उनके सेक्स से जुड़े तजुर्बे को साझा करने के लिए कहा तो उन्हें 200 से ज़्यादा ऐसी एंट्री मिलीं। 39 साल की मट्टू ने अपनी कहानी बयां की है। सिर्फ मुस्लिम पुरुष के साथ संबंध बनाने का संकल्प लेने के तुरंत बाद बॉस्टन डाइव बार में मट्टू ने एक ईसाई युवक से फ्लर्ट किया जो बाद में उनका पति बना।

बुर्का पहनने वाली वकील नूरा मजनवी ने अपनी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि किस तरह 25 साल की उम्र में एक श्रीलंकाई ईसाई फिटनेस ट्रेनर को किस देने से वह खुद को रोक नहीं सकीं। मट्टू और मजनवी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं का तजुर्बा किताब में छापने के साथ ही यह जरूरी था कि वे अपनी निजी ज़िंदगी के भी कुछ अनुभव पाठकों के साथ साझा करें।

अमेरिका में रहने वाली मुस्लिम महिला लीग की प्रवक्ता डॉ. लैला अल मारायाती ने मुस्लिम परिवार और समुदाय यौन शिक्षा और रिश्तों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देता है। लैला के मुताबिक इसका नतीजा यह होता है कि सेक्स के कड़वे तजुर्बे होते हैं और रिश्ते बिखर जाते हैं। गौरतलब है कि इस्लाम में शादी से पहले सेक्स और अप्राकृतिक सेक्स की सख्त मनाही है।

अरब जगत में आमतौर पर मुस्लिम महिलाएं सेक्स से जुड़े मुद्दों पर खुलकर नहीं बोलती हैं। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात की एक मुस्लिम महिला न सिर्फ ऐसे मुद्दों पर खुलकर बोलती हैं बल्कि वे दूसरों को सलाह भी देती हैं। दुबई में रहने वाली विडाड लूटाह मैरेज काउंसलर हैं। वे परंपरावादी मुस्लिम हैं जो बुर्का पहनती हैं। लेकिन वे सेक्स पर खुलकर बातें करती हैं और बातचीत के दौरान इस्लाम धर्म की पवित्र पुस्तक 'कुरान' का हवाला भी देती हैं।

वैलेंटाइन डे से एक दिन पहले उन्होंने अरब जगत की मुस्लिम महिलाओं को प्यार करने का संदेश दिया। विडाड ने इस बारे में कहा, 'मैं इस धारणा को तोड़ना चाहती हूं कि इस्लाम में सेक्स सिर्फ बच्चे पैदा करने का जरिया है। यह मजा लेने का भी मामला है।' लूटाह के मुताबिक सेक्स के दौरान कुछ चीजों को छोड़कर हर तरह से आनंद लेने की आज़ादी सभी को है। लूटाह 2009 में 'टॉप सेक्रेट सेक्सुअल गाइडेंस फॉर मैरेड कपल्स' नाम की किताब लिख चुकी हैं, जिसके चलते उन्हें धमकियां भी मिली थीं।

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