किसके दम पर टिके हें भ्रष्ट कारिंदे जिला परिषद् में
बाड़मेर सीमावर्ती बाड़मेर जिले के सरकारी महकमे राजनीतिज्ञों के चमचो की खान बन गए हें भ्रष्टाचार से सने यह कारिंदे राजनेताओ के खाश होने का दम भर कर जम कर चांदी कूट रहे हें बाड़मेर के जिला परिषद् में लम्बे अरसे से पूरी परिषद् एक प्रभाव शाली बाबू के चंगुल में हें ,जिला परिषद् में कोई काम हो साहब की मर्जी के बिना नहीं होता चाहे विभाग का केशियर कहे या अतिरिक्त मुख्य कार्य करी अधिकारी जनाब की इच्छा होगी तो ही फाईल आगे बढ़ेगी किसी भी योजना में काम स्वीकृत करना हो बांये हाथ का खेल हे बशर्ते सुविधा शुल्क उन्हें दे राखी हो बिना सुविधा शुल्क के कोई काम की बात तक नहीं करते बाड़मेर के जाने माने प्रभावशाली राजनीतिज्ञों का हाथ इनके सर पर हें इसीलिए निश्चिन्त हे की कोई इनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता .स्वजलधारा में करोड़े के घोटालो का बकायदा उच्च स्तरीय जांच में खुलासा हुआ मगर किसी की मजाल की कोई इनखिलाफ कार्यवाही कर दे बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी पहुंची उन्होंने जांच के आदेश दिए दो साकल से मुख्यमंत्री कार्यालय की जांच धुल फांक रही हे ग्रामीणों के विकास का पूरा पैसा कमिसंखोरी और चोरी में चला गया .इस कार्मिक के कारन आम जनता को सरकारी योजनाओ का लाभ नहीं मिल पता .गरीब को लाभ मिले न मिले मगर उच्च स्तरीय राजनेताओ तथा अधिकारियो को उनके हिस्से के तुकडे मिल जाते हें अलबता सब छुपी साधे ह्जें आखिर कौन बोलेगा इन भ्रष्ट कारिंदों के खिलाफ रोजमर्रा में इनकी पोल मीडिया वाले खोलते हें मगर कोई कार्यवाही की बजाय मामले को दबाया जाता हें स्वजलधारा के अलावा छोटी बड़ी योजनाओ की राशी का जम कर दुरूपयोग होता हें इमानदारी से सरकार या जिला कलेक्टर इनकी जांच करा दे तो सारी पोल पट्टी खुल जायेगी
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