कैसे होती है 'रेव पार्टी', जानिए इसके पीछे का 'कड़वा सच'!
| रेव पार्टियों से भारतीय संस्कृति का ह्वास होता जा रहा हैं |
रेव पार्टी शराब, ड्रग्स, म्यूजिक, नाच गाना और सेक्स का कॉकटेल होता है। ये पार्टियां बड़े गुपचुप तरीके से आयोजित की जाती हैं और जिनको बुलाया जाता है वे लोग पार्टी के बारे में वे 'सर्किट' के बाहर के लोगों को जरा भी भनक नहीं लगने देते।
नशीले पदार्थ बेचने वालों के लिए ये रेव पार्टियाँ धंधे की सबसे मुफीद जगह बन गई हैं। मुंबई, पुणे, खंडाला, पुष्कर और दिल्ली के आसपास के इलाके इन रेवियों के लिए बड़ी मुफीद जगह हैं।
इन पार्टियों में आम लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। धनकुबेरों के आवार लड़के लड़कियों की कुत्सित वासनाएं पूरा करने के लिए रात के अंधेरों में इन पार्टियों का आयोजन किया जाता है।
मॉडल लड़के लड़कियां तो इन पार्टियों में अकसर देखे जाते हैं। हम भले ही लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या में कमी होने का रोना रोते हों लेकिन इन रेव पार्टियों के मामले में लड़कियों ने लड़कों को काफी पीछे छोड़ दिया है। सौ रेवियों में लड़कियों की संख्या 60 होती ही है।
महानगरों के युवक युवतियों में रेव के प्रति आकर्षण बढ़ता ही जा रहा है। इन पार्टियों में दो गैरकानूनी ड्रग्स चलते हैं एसिड और इक्सटैसी। इसे लेने के बाद युवा लगातार 8 घंटे तक डांस कर सकते हैं। ये ड्रग्स उनमें लगातार नाचने का जुनून पैदा करते हैं। जिनके पास पैसे होते हैं वे एसिड व इक्सटेसी जैसे महँगे ड्रग लेते हैं। जिनके पास उतना पैसा नहीं होता वे हशीश या गाँजा से ही काम चला लेते हैं।
रेव पार्टियों में 20 हजार, 30 हजार या 60 हजार वाट का म्यूजिक भी बजता है, सुपर फास्ट। इस तेज संगीत और नशे के मिश्रण से सारे बंधन टूट जाते हैं और मनुष्य अपने आदिम स्वरूप में आ जाता है। नाचते हुए इश्क ने जोर मारा तो कई रेव पार्टियों में उसकी व्यवस्था भी रहती है। रेव वेन्यू पर उसके लिए हट बनने लगे हैं। स्वैपिंग इज ऑलसो कूल। इसमें भाग लेने वाले बिंदास युवकों के लिए सेक्स और प्यार की नैतिकता कोई मायने नहीं रखती।
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