बाड़मेर पहनावे पर छिड़ी बहस
| लड़की देख कर लार टपकाने वाले पुरुष कर रहे हैं महिलाओं पर कपडे थोपने की पाबंदी की वकालत |
क्या किसी पुरुष को कोई महिला कहती हैं कि आप ये कपडे ना पहने ? नहीं ना !औरतें क्या पहनें जिससे वो बलात्कार से बची रह सकें। सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में ये मुद्दा मर्द बनाम औरत के बीच बहस का कारण बन चुका है। दो दिन पहले मलयेशिया में औरतों के मिनी स्कर्ट पहनने पर लगी रोक ने इस बहस को नए सिरे से शुरू कर दिया है। आखिर औरतें क्या पहनें जो उन्हें सुदंर दिखाने के साथ साथ मर्दो की गंदी नजर से भी बचा ले। आजकल कॉलेज प्रिंसिपल से लेकर धार्मिक गुरु तक महिलाओं को एक खास ड्रेस कोड में बांध देना चाहते हैं। एक तरफ प्रोफेशनल आजादी मिलती है तो दूसरी तरफ कपड़े चुनने का अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है।
सवाल उठता है कि आखिर कैसे होने चाहिए वो कपड़े जो किसी की गंदी और हवस भरी नजर को रोक सके। क्या ड्रेस कोड लागू होने से बलात्कार रुक जाएंगे। क्या साड़ी में रेप की संभावना घट जाती है। क्या बुरका रेप से बचने की गारंटी देगा। यही वो सवाल है जो इस बहस में उभर के सामने आते हैं लेकिन इनके जवाब शायद किसी के पास नहीं है।
सवाल - क्या आपको भी लगता है कि फैशनेबल और कम कपड़े बलात्कार को बढ़ावा देते हैं। क्या साड़ी पहनने से औरतें यौन आक्रमण से बची रह सकेंगी?
सवाल - क्या आपको भी लगता है कि फैशनेबल और कम कपड़े बलात्कार को बढ़ावा देते हैं। क्या साड़ी पहनने से औरतें यौन आक्रमण से बची रह सकेंगी?
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