Monday, 21 May 2012

लड़की देख कर लार टपकाने वाले पुरुष कर रहे हैं महिलाओं पर कपडे थोपने की पाबंदी की वकालत

बाड़मेर पहनावे पर छिड़ी बहस
debate on girls costume
लड़की देख कर लार टपकाने वाले पुरुष कर रहे हैं
 महिलाओं पर कपडे थोपने की पाबंदी की वकालत 
क्या किसी पुरुष को कोई महिला कहती हैं कि आप ये कपडे ना पहने ? नहीं ना !औरतें क्या पहनें जिससे वो बलात्कार से बची रह सकें। सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में ये मुद्दा मर्द बनाम औरत के बीच बहस का कारण बन चुका है। दो दिन पहले मलयेशिया में औरतों के मिनी स्कर्ट पहनने पर लगी रोक ने इस बहस को नए सिरे से शुरू कर दिया है। आखिर औरतें क्या पहनें जो उन्हें सुदंर दिखाने के साथ साथ मर्दो की गंदी नजर से भी बचा ले। आजकल कॉलेज प्रिंसिपल से लेकर धार्मिक गुरु तक महिलाओं को एक खास ड्रेस कोड में बांध देना चाहते हैं। एक तरफ प्रोफेशनल आजादी मिलती है तो दूसरी तरफ कपड़े चुनने का अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है। 
सवाल उठता है कि आखिर कैसे होने चाहिए वो कपड़े जो किसी की गंदी और हवस भरी नजर को रोक सके। क्या ड्रेस कोड लागू होने से बलात्कार रुक जाएंगे। क्या साड़ी में रेप की संभावना घट जाती है। क्या बुरका रेप से बचने की गारंटी देगा। यही वो सवाल है जो इस बहस में उभर के सामने आते हैं लेकिन इनके जवाब शायद किसी के पास नहीं है।

सवाल - क्या आपको भी लगता है कि फैशनेबल और कम कपड़े बलात्कार को बढ़ावा देते हैं। क्या साड़ी पहनने से औरतें यौन आक्रमण से बची रह सकेंगी?

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